
kundli milan
भोपाल। शास्त्रों में विवाह से संबंधित कई बातों को बताया गया है। शास्त्रों में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि जीवन काल में व्यक्ति के लिए 16 संस्कार बताए गये हैं। जिनमें से एक संस्कार विवाह भी है। हिन्दू मान्यताओं में विवाह को काफी महत्व दिया गया है। विवाह संस्कार में दो परिवार, दो व्यक्तियों और दो आत्माओं का मिलन होता है। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है कि शास्त्रों में विवाह को लेकर कई बाते बताई गयी है। इन बातों को हर विवाह करने वाले स्त्री-पुरुष को जानना जरूरी होता है। शास्त्रों के अनुसार कहा गया है कि जो लड़की सुबह देर से जागती है उससे विवाह नहीं करना चाहिए। देर से जागने पर उस घर में लक्ष्मी का वास नहीं होता है। साथ ही कटु और कर्कश वाणी वाली लड़की से कभी भी विवाह नहीं करना चाहिए। ऐसी लड़की जिस घर में विवाह करके जाती है उस परिवार में हमेशा अशांति बनी रहती। जानिए पंडित जी से अन्य जरूरी बातें....
इस ग्रह से होता है संबंध
पंडित जी बताते है कि पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका के बीच का ग्रह शुक्र ग्रह होता है। ये ग्रह नम्र ग्रह माना जाता है। जब भी किसी पति-पत्नी के बीच में अड़चने आती है तो ज्योतिषी में सबसे पहले शुक्र ग्रह को ही देखा जाता है। कुंडली में शुक्र की स्थिति को देखकर ये अनुमान लगाया जा सकता है कि पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका के बीच आने वाला समय कैसा होगा। यदि आप अपने लिए एक उच्च साथी की खोज में लगे है कि कुंडली में शुक्र ग्रह को जरूर दिखवा लें।
जल्दी होते हैं आकर्षित
अगर आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह प्रबल होता है तो वह व्यक्ति शारीरिक रूप से सुंदर एवं आकर्षक व्यक्तित्व का मालिक होता है। ज्यादातर लोग उसकी सुंदरता और आकर्षक व्यक्तित्व के कारण उसकी तरफ आकर्षित होते हैं। साथ ही प्रबल शुक्र वाली महिलाएं बहुत आकर्षक होती हैं, पुरुष इनकी तरफ बहुत जल्दी आकर्षित हो जाते हैं। ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि जन्मपत्री का सातवां घर जीवनसाथी का स्थान होता है। इसलिए जब भी अपने लिए जीवनसाथी की तलाश करें तो पहले ये जरूर देख लें कि कुण्डली में सातवें घर में कौन सा ग्रह बैठा है। आप इन ग्रहों से यह जान सकते हैं कि आपका जीवनसाथी दिखने में कैसा होगा। इससे आप जीवनसाथी का स्वभाव भी जान सकते हैं।
Published on:
20 Sept 2018 05:08 pm
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