scriptlaharpur dam | लहारपुर डैम में रोजाना पांच ट्रक मलबा भरा जा रहा, कौन कर रहा, जिम्मेदारों को पता ही नहीं | Patrika News

लहारपुर डैम में रोजाना पांच ट्रक मलबा भरा जा रहा, कौन कर रहा, जिम्मेदारों को पता ही नहीं

आरोप: राजनीतिक संरक्षण होने के चलते कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं

भोपाल

Published: May 27, 2022 01:42:55 am

भोपाल. लहारपुर डैम में दस हजार वर्गफीट भूखंड बनाने के लिए रोजाना पांच ट्रक मुरम-मलबा भरा जा रहा है। यहां फिलिंग को लेकर पीएचई से लेकर जलसंसाधन विभाग, नगर निगम, जिला प्रशासन से चर्चा की तो उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद नगर निगम के अपर आयुक्त पवनकुमार सिंह ने एएचओ दिनेश पाल को यहां जांच के लिए भेजा, जबकि जिला प्रशासन की ओर से पटवारी मुकुल साठे मौके पर पहुंचे थे। पटवारी ने यहां मिट्टी और मुरम की फिलिंग को तो पाया, लेकिन ये कौन कर रहा है, वे पता नहीं कर पाए। नगर निगम अपर आयुक्त पवनकुमार सिंह का कहना है कि ये कौन कर रहा है, इसे दिखवाया जा रहा है। जल संसाधन विभाग के संजय रघुवंशी को भी डैम की जमीन को मिट्टी मलबे से भरने की जानकारी नहीं है।
लहारपुर डैम में रोजाना पांच ट्रक मलबा भरा जा रहा, कौन कर रहा, जिम्मेदारों को पता ही नहीं
लहारपुर डैम में रोजाना पांच ट्रक मलबा भरा जा रहा, कौन कर रहा, जिम्मेदारों को पता ही नहीं
मंदाकिनी से लेकर सलैया तक कलियासोत में भी फिलिंग

- जलस्त्रोतों के किनारों पर मलबा- मिट्टी भरकर प्लॉट निकालने का खेल नया नहीं है। कोलार के मंदाकिनी की ओर से जेके हॉस्पिटल सड़क किनारे कलियासोत के किनारों में मलबा भरा गया था। मामले में जागरूक लोगों ने विरोध किया तो रातों-रात यहां धार्मिक स्थल बना दिया गया। अब ये बना हुआ है और कुछ समय के बाद यहां कब्जे का रूपरेखा बन रही है। इसी तरह सलैया में आकृति के अंदर से कलियासोत नदी किनारे प्लॉट पर निर्माण शुरू किया और नदी के बिल्कुल किनारे पर सीमेंट काॅन्क्रीट रोड तैयार कर दी। कौन कर रहा है, इसल मालिक अब तक सामने नहीं है। इसी तरह चूनाभट्टी में शाहपुरा की ओर लो-लाइन क्षेत्र में एक कार शो रूम के सामने करीब 10 हजार वर्गफीट का प्लॉट मलबे से ही तैयार कर लिया गया। यहां किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।
निगम और प्रशासन की नाकामी है ये

- जलस्रोत या सरकारी जमीन के गडढ्े में मलबा- मिट्टी भरने जैसी स्थितियों पर नजर रखने के लिए नगर निगम से लेकर जिला प्रशासन तक पूरा सिस्टम है। नगर निगम में जोन स्तर पर एएचओ, इंजीनियर तय है, जबकि जिला प्रशासन में पटवारी, आरआई और अन्य स्तर के कर्मचारी- अधिकारी हैं। मोटा वेतन और सुविधाएं दी जाती है, ताकि ये अपने क्षेत्र में इस तरह की स्थिति न बनने दें, लेकिन ये मिलीभगत से अवैध निर्माण या फिलिंग को होने दे रहे हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather. राजस्थान में आज 18 जिलों में होगी बरसात, येलो अलर्ट जारीसंस्कारी बहू साबित होती हैं इन राशियों की लड़कियां, ससुराल वालों का तुरंत जीत लेती हैं दिलशुक्र ग्रह जल्द मिथुन राशि में करेगा प्रवेश, इन राशि वालों का चमकेगा करियरउदयपुर से निकले कन्हैया के हत्या आरोपी तो प्रशासन ने शहर को दी ये खुश खबरी... झूम उठी झीलों की नगरीजयपुर संभाग के तीन जिलों मे बंद रहेगा इंटरनेट, यहां हुआ शुरूज्योतिष: धन और करियर की हर समस्या को दूर कर सकते हैं रोटी के ये 4 आसान उपायछात्र बनकर कक्षा में बैठ गए कलक्टर, शिक्षक से कहा- अब आप मुझे कोई भी एक विषय पढ़ाइएUdaipur Murder: जयपुर में एक लाख से ज्यादा हिन्दू करेंगे प्रदर्शन, यह रहेगा जुलूस का रूट

बड़ी खबरें

Maharashtra Politics: शिवसेना के एक बागी विधायक का बड़ा दावा, कहा- 12 सांसद जल्द शिंदे खेमे में होंगे शामिल6 और मंत्रियों ने दिया इस्तीफा, Britain के पीएम बोरिस जॉनसन की बढ़ी मुश्किलेंनकवी के इस्तीफे के बाद स्मृति ईरानी बनीं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री, सिंधिया को मिला स्टील मंत्रालयVideo: 'हर घर तिरंगा' के सवाल पर बोले Farooq Abdullah, 'वो अपने घर में रखना', भड़के यूजर्सMalaysia Masters: पीवी सिंधू, साई प्रणीत और परूपल्ली कश्यप पहुंचे दूसरे दौर में, साइना नेहवाल हुई बाहरMaharashtra Politics: शिवसेना के संसदीय दल में भी बगावत? उद्धव ठाकरे ने भावना गवली को चीफ व्हिप के पद से हटायाMukhtar Abbas Naqvi ने मोदी कैबिनेट से दिया इस्तीफा, बनेंगे देश के नए उपराष्ट्रपति?काली पोस्टर विवाद में घिरीं महुआ मोइत्रा के समर्थन में आए थरूर, कहा- 'हर हिन्दू जानता है देवी के बारे में'
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.