1 जून 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लाइव प्रसारण करने वाला देश का पहला सूचना आयोग होने का मप्र राज्य सूचना आयोग का दावा

- सूचना आयोग की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग बढ़ा रही भरोसा

less than 1 minute read
Google source verification
suchana_ayog.jpg

भोपाल। मप्र राज्य सूचना आयोग ने तकनीक के क्षेत्र में नवाचार किया है। सूचना के अधिकार के तहत आने वाले मामलों की कार्यवाही का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारण शुरू किया गया है। मंशा यह कि कार्यवाही में पारदर्शिता रहे, दूसरा कानून के बारे में लोगों में जागरूकता आए। इस तरह सूचना के अधिकार के प्रति आम लोगों का भरोसा बढ़ाना है। आयोग का दावा है कि लाइव प्रसारण करने वाला देश का पहला सूचना आयोग है।

आयोग की चुनौती
हालांकि राज्य सूचना आयोग के हाईटेक होने की राह में सबसे बड़ी चुनौती कम अमला है। दरअसल, कार्यवाही से जुड़े तमाम पक्षों के नंबर से लेकर मेल एड्रेस तक सुरक्षित रखने पड़ते हैं।

हाईकोर्ट को भेजे लिंक
राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने बताया कि कई मर्तबा लोग सूचना अधिकारी फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देते हैं। ऐसे मामलों में आयोग की ओर से लाइव प्रसारण का लिंक हाईकोर्ट दिए जाते हैं। इससे स्पष्ट हो जाता है कि सभी का पक्ष सुना गया या नहीं।

लोगों में बढ़ा रुझान
लाइव प्रसारण तो साल 2020 में शुरू किया गया, लेकिन नियमित प्रसारण होने पर ही लोग इसमें रुचि लेने लगे। अब सूचना आयोग की एक कार्यवाही को हजारों लोग सोशल मीडिया पर देखते और शेयर करते हैं।

यही नहीं अब वाट्सऐप से ही पत्राचार किया जाता है। भोपाल मुख्यालय में सभी पक्षों को वॉइस कॉल के जरिए जोड़ त्वरित सुनवाई की जाती है।

देश का पहला ऐसा आयोग है जो लाइव सुनवाई करता है। हालांकि मामले से जुड़े कई अधिकारियों को इससे दिक्कत भी होती है। लेकिन इससे पारदर्शिता रहती है। इसी के साथ डिजिटल सुनवाई पर भी फोकस है। मुझे लगता है अगर सभी आयोगों में डिजिटल सुनवाई होने लगे तो बेहद समय बचेगा।

- राहुल सिंह, राज्य सूचना आयुक्त