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लुटेरों ने गुप्ती-चाकू अड़ाकर फायनेंस कंपनी के कैशियर को दफ्तर में लूटा

बेखौफ लुटेरे: बागसेवनिया में पांच मिनट के अंदर सवा लाख रुपए लुटकर भागे लुटेरे, रात करीब सवा आठ बजे दफ्तर में अकेले ही सुबोध काम में जुटे थे।

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भोपाल। बागसेवनिया इलाके के अमराई में वेल स्टार फायनेंस कंपनी के दफ्तर में घुसे लुटेरों ने कैशियर के गर्दन पर गुप्ती-चाकू अड़ाकर करीब सवा लाख रुपए लूट लिए। लूट के बाद कैशियर को दफ्तर के अंदर बंदकर लुटेरे बाहर से दरवाजा बंदकर फरार हो गए। लुटेरों ने शुक्रवार रात करीब सवा आठ बजे उस दौरान वारदात को अंजाम दिया जब कैशियर कलेक्शन के पैसे का हिसाब कर रहा था। पुलिस घटना स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी फटेज खंगाल रही है।

पुलिस के मुताबिक, एमआईजी-139 अमराई निवासी 32 वर्षीय सुबोध सिंह वेल स्टार फायनेंस कंपनी में कैशियर हैं। कंपनी का दफ्तर एमआईजी 138 फस्र्ट फ्लोर अमराई साउथ में है। शुक्रवार रात करीब सवा आठ बजे दफ्तर में अकेले ही सुबोध काम में जुटे थे। इसी बीच दो बदमाश दफ्तर में दाखिल हुए। सुबोध कुछ समझ पाते इनमें से एक ने गुप्ती, जबकि दूसरे ने चाकू निकालकर उनकी गर्दन में अड़ा चुप रहने के लिए धमकाया। हथियार देख सुबोध इतना डर गए कि वह कुछ नहीं कर पाएं। एक बदमाश उन पर हथियार ताने रहा, वहीं दूसरा बदमाश टेबल के दराज में हाथ डाल सवा लाख रुपए निकाल लिया। पैसा मिलते ही दोनों बाहर से दरवाजा बंद कर भाग निकले।

दहशत की कहानी, सुबोध की जुबानी
रात करीब साढ़े आठ बजे मैं दफ्तर में अकेला था। कंपनी के मैनेजर मनोज गौतम दोपहर चार बजे बैंक ऑफ इंडिया में पैसा जमा कराकर वापस लौटे। दोपहर करीब चार बजे के बाद 9 लोग पैसा जमा कराने पहुंचे। जिनसे 1 लाख 21 हजार 5 सौ रुपए कलेक्ट हुए। घटना के पांच मिनट पहले ही मैनेजर मनोज चाय पीने नीचे चले गए।

मैं अकेले ही पैसे का हिसाब मिला रहा था। इसी बीच दो बदमाश जिसमें एक 25-26 साल, दूसरा 35-40 साल अंदर घुस आए। दोनों ने मुझ पर धारदार हथियार अड़ा दिए। दराज में रखे करीब सवा लाख रुपए वे निकाल लिए। सिर्फ 13 सौ रुपए रह गए। लुटेरे के पास हथियार देखकर मैं काफी डर गया था। करीब पांच मिनट बदमाश दफ्तर के अंदर रहे होंगे। विरोध करता तो बदमाश उस पर हमला कर सकते थे। इसलिए मैं चुप रहा।

हर रोज 10 लाख का कलेक्शन, सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं
मैनेजर मनोज ने बताया कि कंपनी की शाखा अगस्त 2016 से चालू है। छह कर्मचारी काम कर रहे हैं। हर रोज 10 का कलेक्शन होता है। बावजूद कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। दफ्तर में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं। इतना ही नहीं कोई गार्ड तक नहीं है। इसी वजह से लुटेरों ने वारदात को अंजाम देकर भागने में कामयाब रहे।

बागसेवनिया एएसआई रमेश सिंह ने कहा कि स्टेट हेड, वेल स्टार फायनेंस के राजीव कुमार संस्थान में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा है। कैमरे लगने ही वाले थे कि वारदात हो गई। गार्ड नहीं हैं। कंपनी का दफ्तर फस्र्ट फ्लोर पर है। ग्राउंड -सेकंड फ्लोर में कई परिवार रहते हैं, लेकिन उन्होंने किसी को आते-जाते नहीं देखा और न ही किसी ने किसी गाड़ी के स्टार्ट होने की आवाज सुनी। पुलिस मामले की जांच जुटी है।

रोहित ने बाहर से लॉक खोला

सुबोध ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने कंपनी के दफ्तर के पास ही रहने वाले कर्मचारी रोहित को फोन पर जानकारी जानकारी दी। रोहित मौके पर पहुंच बाहर से लगे दरवाजे का लॉक खोला। इसके बाद उन्होंने मैनेजर मनोज गौतम को फोन लगाया और घटना के बारे में बताया। वे भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस को कॉल किया।