
love story of Jyotiraditya Scindia's
भोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) को मोदी सरकार में एक और बड़ी जिम्मेदारी मिली है, उन्हें नगर विमानन मंत्रालय के साथ-साथ इस्पात मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उन्हें आरसीपी सिंह की जगह इस्पात मंत्री की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई. ऐसे में सिंधिया ने आज इस्पात मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल ली. लेकिन जब से वह बीजेपी में शामिल हुए हैं, उनका कद पार्टी में तेजी से बढ़ रहा है। अब तक उन्हें कई बड़ी जिम्मेदारियां मिल चुकी हैं और वह बीजेपी के फ्रंड लाइन लीडरों में शुमार हो गए हैं। इस अवसर पर आइए हम आपको ज्योतिरादित्य सिंधिया की जिंदगी के बारे में अहम बातें बताते हैं। शुरूआत में ज्योतिरादित्य सिंधिया की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं थी। वह बैंकर थे। पिता माधवराव सिंधिया के निधन के बाद उन्होंने 2001 में राजनीति में कदम रखा था।
कहां से की पढ़ाई
ज्योतिरादित्य सिंधिया का जन्म 1 जनवरी 1971 को हुआ है। उनकी शुरुआती पढ़ाई लिखाई शहर के कैंपियन स्कूल और दून स्कूल देहरादून से हुई है। 1993 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हार्वर्ड कॉलेज, हार्वर्ड विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया। 2001 में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एमबीए किया। उसके बाद बैंकर के रूप में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने काम किया है। पिता के निधन के बाद सिंधिया ने 2001 में राजनीति में कदम रखा।
दिलचस्प है शादी की कहानी
ज्योतिरादित्य सिंधिया की शादी प्रियदर्शनी राजे से हुई हैं। प्रियदर्शनी सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम देखी जाती हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव तक वह पति के संसदीय क्षेत्र में खूब देखी जाती थीं। उनके बारे में कम ही लोग जानते हैं कि वह गायकवाड़ परिवार से आती हैं। जहां तक ज्योतिरादित्य और प्रियदर्शिनी की मुलाकात की बात है तो एक जलसे में 1991 में पहली बार ज्योतिरादित्य ने प्रियदर्शिनी को देखा था। उस समय ही वो उन्हें दिल दे बैठे थे। प्रियदर्शिनी और ज्योतिरादित्य की शादी 1994 में हुई थी और जब ग्वालियर की महारानी सिर्फ 20 साल की थीं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कुछ साल पहले दिए एक इंदरव्यू में कहा था कि प्रियदर्शनी राजे से मेरी मुलाकात 1991 में दिल्ली एक कार्यक्रम में हुई थी। सिंधिया उस समय अमेरिका में रहते थे, जबकि प्रियदर्शनी मुंबई में थीं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उस इंटरव्यू में कहा था कि मैं पहले दिन से ही जानता था कि प्रियदर्शनी मेरे लिए बनी हैं, वही एक हैं, जिससे मैं शादी करना चाहूंगा।
माधवीराजे ने कहा कि 'यह लड़की बहुत सुंदर है'
ज्योतिरादित्य सिंधिया को बडोदरा की गायकवाड़ रियासत की राजकुमारी पहली नजर में ही भा गई थीं। जब सिंधिया 1993 में अमेरिका की हॉवर्ड यूनिवर्सिटी में स्टडी करके वापस भारत आए तो उनकी शादी की चर्चा होने लगी। इसी दौरान उनका रिश्ता बड़ोदरा के गायकवाड़ खानदान की प्रिसेंज प्रियदर्शिनी के साथ तय हुआ। इससे पहले सिंधिया एक फैमिली फंक्शन में पहले भी प्रियदर्शिनी से मिल चुके थे, लेकिन इसके पहले ही उनकी मां माधवीराजे सिंधिया ने उन्हें ग्वालियर रियासत की बहू बनाने का निर्णय ले लिया था।
वहीं एक फैमिली फंक्शन में माधवीराजे की मुलाकात भी प्रियदर्शिनी से हुई थी। उस समय प्रियदर्शिनी की उम्र 13 साल थी। तब माधवीराजे ने कहा कि यह लड़की बहुत सुंदर है। इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया को बड़ोदरा रियासत की राजकुमारी पहली ही नजर में भा गई थीं। वहीं मुलाकात के ठीक तीन साल बाद 12 दिसंबर 1994 में दोनों एक दूसरे के हो गए थे। अब उनके दो बच्चे महानआर्यमन सिंधिया और अनन्या सिंधिया है।
बड़ोदरा की राजकुमारी रहीं प्रियदर्शिनी राजे जो कि अब ग्वालियर की महारानी हैं, उन्हें अंग्रेजी की एक अंतरराष्ट्रीय महिला मैग्जीन ने देश की 50 सुंदर महिलाओं में शामिल किया था। सोफिया कॉलेज की ग्रेजुएट प्रियदर्शिनी राजे जब दिल्ली में होती हैं तो वे एक राजनेता यानि ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी होती हैं, जबकि ग्वालियर आते ही वे रॉयल परिवार की महारानी बन ये जिम्मेदारी निभाती हैं।
देश की 50 खुबसूरत महिलाओं की लिस्ट में रहीं शुमार
ज्योतिरादित्य और प्रियदर्शिनी के दो बच्चे हैं। बेटा महाआर्यमन और बेटी अनन्या। फेमिना ने 2012 में देश की 50 सबसे खूबसूरत महिलाओं में प्रियदर्शिनी को शामिल किया था। इसके अलावा 2008 में उन्हें बेस्ट ड्रेस्ड हॉल ऑफ फेम लिस्ट में भी जगह मिली थी।
Updated on:
08 Jul 2022 01:59 pm
Published on:
08 Jul 2022 01:55 pm
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