
madhya pradesh outsourced employees (फोटो सोर्स : पत्रिका)
MP News: मध्य प्रदेश में 30 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कार्यरत हैं, जो कि लगातार शोषणकारी नीतियों को खत्म करने का मांग कर रहे हैं। मंगलवार को भी शाहजानी पार्क में प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आउटसोर्स और रोगी कल्याण समिति स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में शोषणकारी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कर्मचारियों ने शासन और विभाग का ध्यान आकर्षित करते हुए मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री को ज्ञापन सौंपा। संघ के अध्यक्ष कोमल सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के लिए एक ठोस और स्थायी नीति बनाई जाए और उनका न्यूनतम वेतन 21,000 निर्धारित किया जाए।
अध्यक्ष कोमल सिंह ने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अगले माह प्रदेशव्यापी आमरण अनशन और आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह कौरव ने बताया कि प्रदेश में 30 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कार्यरत हैं, लेकिन निजी एजेंसियां मनमानी कर रही हैं। एनएचएम संविदा लैब टेक्नीशियन संघ के प्रदेश अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों को 60-70% ही वेतन मिल रहा है और कई जिलों में 4-5 महीने से भुगतान नहीं हुआ है।
Updated on:
30 Jul 2025 09:52 am
Published on:
30 Jul 2025 09:52 am
