
हमारे मुद्दों पर जो हमारा साथ देगा, हम उसके साथ करेंगे गठबंधन-सपाक्स
भोपाल @हरीश दिवेकर की रिपोर्ट....
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक फिर भी सपाक्स रैली का आयोजन करने जा रही है। लेकिन सपाक्स इस बार कोई सभा के माध्यम से नहीं बाल्कि बाइक रैली निकालकर साप्ताहिक महाआंदोलन शुरु करने जा रही हैं। सपाक्स के लोगों ने बताया कि सपाक्स शुरू से एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में प्रदर्शन कर रही है और जब तक इस कानून में संसोधन नहीें हो जाता तब तक सपाक्स इसका विरोध करती रहेगी।
24 अक्टूबर को निकालेंगे रैली...
सपाक्स के लोगों का कहना है कि पार्टी ने 24 अक्टूबर को साप्ताहिक महाआंदोलन बाइक रैली निकालने की शुरूआत की जाएगी। रैली के पहले दिन यानि 24 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से सपाक्स पार्टी मुख्यालय से रोशनपुरा चौराहा तक बाइक रैली निकालेगी।
महाआंदोलन की शुरूआत सपाक्स पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी सपाक्स पार्टी मुख्यालय में हरी झंडी दिखाकर बाइक रैली को रवाना करेगें। उसके बाद भोपाल कलेक्टर को एट्रोसिटी एक्ट के विरोध राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपेगे।
आरक्षण के विरोध में रखेंगे उपवास
गौरतलब है कि सपाक्स ने एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ 24 से 30 अक्टूबर तक महाआंदोलन का ऐलान किया है। सपाक्स कार्यकर्ता 27 अक्टूबर को करवा चौथ के दिन आरक्षण के विरोध में उपवास रखेंगे।
सपाक्स अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी के मुताबिक 22 और 23 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर आंदोलन की सूचना दी जाएगी। 24 को जिला, विकासखंड व विधानसभा स्तर पर रैली निकाली जाएगी। दीवार पर हस्ताक्षर अभियान चलेगा।
26 अक्टूबर को परिसंवाद व नुक्कड़ नाटक होंगे। 27 को निजी मकान-प्लॉट पर उपवास रखा जाएगा। 28 को आमसभा होगी। 29 को एट्रोसिटी एक्ट का पुतला दहन व 30 अक्टूबर को पेम्पलेट बांटे जाएंगे।
केंद्र सरकार द्वारा एट्रोसिटी एक्ट में किए गए संशोधन के खिलाफ सपाक्स पार्टी द्वारा 24 अक्टूबर से राज्य स्तरीय महाआंदोलन शुरू किया जा रहा। एक हफ्ते तक चलने वाले इस आंदोलन के संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी द्वारा जिलावार और तिथिवार कार्यक्रम घोषित कर दिया है।
24 अक्टूबर को किसी एक स्थान पर एकत्रित होकर रैली के रूप में सभी जिला कलेक्टर, ब्लॉक/प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अनुविभागीय अधिकारियों एवं तहसीलदारों ज्ञापन सौंपा जाएगा।
1 - शहर के प्रमुख एक चयनित स्थान पर किस सपाक्स के कार्यकर्ता की कोई दीवार मिल जाय तो उत्तम होगा, उस पर एट्रोसिटी एक्ट में हुए संशोधन और सुप्रीम कोर्ट की आदेश की अनदेखी पर केंद्रित 1 या अधिक स्लोगन या संदेश लिखकर, उस पर जन जन के हस्ताक्षर अभियान चलाया जाए।
यह अभियान लगातार 7 दिन तक चलता रहे। इसकी शुरुआत महाआंदोलन के शुभारंभ दिन 24 अक्टूबर से होगी, उस दिन सम्भव न हो सका तो सप्ताह में कभी भी यह कार्य प्रारम्भ हो सकता है। जिला स्तर से लेकर हर छोटे बड़े शहर में ऐसा हो सकता है।
2- सभी सांसदों एवं विधायको के नाम एक ज्ञापन और प्रश्नावली तैयार की जाए जिसमें एट्रोसिटी एक्ट के मुद्दे उठाए जाएं तथा उनसे प्रश्न पूछे जाएं इन प्रश्नों में इसमें स्थानीय मुद्दों को भी उठाया जा सकता है कि इन मुद्दों पर अभी तक उन्होंने कोई भी कार्रवाई क्यों नहीं की? वे जनता को इसका जवाब दें. इसका पेम्पलेट बनाकर उसका वितरण उस दिन से प्रमुख चौराहों पर किया जाए।
3- 26 अक्टूबर को जिला मुख्यालय के प्रमुख स्थल एवं सभी विधानसभा मुख्यालयों पर परिसंवाद कार्यक्रम एवं नुक्कड़ नाटक आयोजित कर जनता को संदेश दिया जाए।
4- 27 अक्टूबर को उपवास रखा जाए (उस दिन करवा चौथ भी है) जो लोग एट्रोसिटी एक्ट में हुए संशोधन का विरोध करना चाहते हैं वे उपवास रखें। प्रत्येक जिला मुख्यालय एवं सभी विधानसभा क्षेत्र के मुख्य स्थानों (सपाक्स कार्यालय के बाहर या निजी भवन प्लाट पर प्राथमिकता दे) पर सुबह से शाम भूख हड़ताल पर बैठने का कार्यक्रम रखा जाए।
5- 28 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालय एवं विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर रैली निकाली जाए तथा दोपहर पश्चात एक आमसभा की जाए जिसमें जनता को एट्रोसिटी एक्ट के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाए इसके लिए सभी जिलों से इस एक्ट में पूर्व से दर्ज प्रकरण संकलित कर ले तथा उनकी कहानी को पढ़ कर सुनाई जाए, यदि पक्षकार भी उपस्थित रहे तो अच्छा है।
6- 29 अक्टूबर को एट्रोसिटी अमेंडमेंट एक्ट 2016 एवं 2018 का सभी जिला मुख्यालय एवं विधानसभा क्षेत्र में पुतला जलाना।
7- 30 अक्टूबर को एट्रोसिटी अमेंडमेंट एक्ट से आये दोषों का पम्पलेट के पूरे प्रदेश में बाज़ार और घर घर पर वितरण करना
Published on:
23 Oct 2018 05:24 pm
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