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राजधानी में मांगों के लिए निकाली मन्नत यात्रा

मंत्रालय से काली मंदिर तक आयोजन

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राजधानी में मांगों के लिए निकाली मन्नत यात्रा

भोपाल। पिछले कुछ सालों में हर वर्ग के वेतन में इजाफा हुआ। स्थिति यह है कि लिपिकों का वेतन सबसे कम है। यही नहीं 2015 में मुख्यमंत्री ने लिपिकों की मांगों को पूरा करने के लिए रमेशचन्द्र शर्मा समिति का गठन किया था। इस समिति ने भी लिपिकों का वेतन बढ़ाने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद सरकार समिति की अनुशंसाएं लागू नहीं कर ही हैं। अपनी इस मांग को लेकर सोमवार को लिपिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने मन्नत यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा में मंत्रालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी शामिल हुए। चतुर्थ श्रैणी कर्मचारियों का कहना था कि उनका वेतन भी बढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही उनका जो प्रोफेशल टैक्स है उतना ही टैक्स मुख्य सचिव का भी काटा जाता है। यात्रा मंत्रालय से शुरू होकर कालीघाट मंदिर पर समाप्त हुई।

यह हैं प्रमुख मांगें

लिपिकों की ग्रेड पे बढ़ाने, रमेशचंद्र शर्मा समिति की अनुशंसाएं लागू करवाने, चतुर्थ श्रेणी की सेवा निवृत्ति आयु 64 वर्ष करने, चतुर्थ श्रेणी के पदनाम परिवर्तन, वृत्ति कर से छूट आदि प्रमुख मांग है।

रैली निकालकर बताए प्लास्टिक के दुष्प्रभाव

इधर केन्द्रीय वन, पर्यावरण और क्लाइमेट चेंज मंत्रालय के रीजनल ऑफिस ने पर्यावरण दिवस के आयोजन शुरू कर दिए हैं। इस सिलसिले में प्लास्टिक की सफाई का अभियान शुरू किया गया है। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने सोमवार को बिट्टन मार्केट में रैली निकालकर प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को बताने के साथ उसका कम से कम उपयोग करने का संदेश दिया। इसके पहले वन विभाग के एपीसीसीएफ तेजिन्दर सिंह के साथ सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की बैठक भी हुई। इसमें लो ग्रेड प्लास्टिक का मानवीय स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभाव के बारे में चर्चा हुई। इसके बाद खासतौर पर बच्चों के खाने-पीने के सामान में लो ग्रेड प्लास्टिक का उपयोग और सामान लाने के लिए प्लास्टिक के कैरी बैग का उपयोग रोकने संबंधी एक संकल्प भी पारित किया गया। रीजनल ऑफिस द्वारा पांच जून को पर्यावरण दिवस संबंधी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

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