
भोपाल। त्यौहार पर इस बार मिलावटखोरी को लेकर चलाया जा रहा अभियान लगातार जारी है। खाद्य सुरक्षा विभाग की दो टीमों ने रविवार को छोला और बागेसेवनियां में मावा और मिठाई विक्रेताओं के यहां एक साथ कार्रवाई कर 8 सैम्पल लिए हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र वर्मा ने बताया कि पुराने भोपाल के छोला क्षेत्र की बाबूजी स्वीट से मावा, छेने के रसगुल्ले के सैम्पल लिएगए।
इसी क्षेत्र की हरि रेस्टोरेंट से मावा कतली और छेने से निर्मित चमचम का सैम्पल लिया। दूसरी टीम ने बागमुगालिया क्षेत्र की कृष्णा स्वीट से मावा लड्डू एवं बादाम बर्फी तथा 11 मील स्थित मिलन स्वीट से मिल्क केक और छेना की मिठाई के सैम्पल लेकर जांच के लिए स्टेट लैब भेजे गए हैं। 19 जुलाई से लगातार जारी जांच के बाद अभी तक खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने दूध, मावा, पनीर, घी के नमूनों सहित अन्य खाद्य पदार्थों के 360 सैम्पल जांच के लिए स्टेट लैब भेजे हैं। जिसमें 83 मानक, 49 अवमनाक, 4 मिथ्याछाप, 1 असुरक्षित पाया गया है।
शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान 13 खाद्य कारोबारी पर 13.20 लाख का जुर्माना भी एडीएम कोर्ट की तरफ से लगाया जा चुका। अभी तक 223 सैम्पलों की रिपोर्ट स्टेट लैब से प्राप्त होनी है
चंद दिनों के बाद रुक गई नकली खाद, बीज और उर्वरक की जांच
राजधानी में दूध, पनीर और मावा के बाद नकली खाद, बीज और उर्वरक की जांच शुरू की गई थी। लेकिन चंद सैम्पल लेने के बाद जांच थम गई। बैरसिया स्थित मां हरसिद्धि खाद भंडार से खाद के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। इसके बाद कृषि विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
दरअसल एक माह पूर्व कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने खाद, बीज के सैम्पल अवमानक पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सिर्फ एक दिन ही खाद, बीज, उर्वरकों, दवाइयों ,पीस्टिसाइड के सैम्पल लेने शुरू किए गए और बाद में मामला शांत हो गया।
Published on:
14 Oct 2019 08:38 am

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