मेडिकल काउंसलिंग : पल में पराया किया तो फूटा छात्रों का गुस्सा

बाहरी राज्यों के छात्रों को हाईकोर्ट के आदेशानुसार निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला नहीं मिला, साल खराब होने के डर से हताश छात्रों का गुस्सा फूटा और जमकर हंगामा भी हुआ...

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Sep 28, 2016
Medical Counsinlling : Other State’s Students angry Over No entry in Counsinling, bhopal,student, Medical Counsinlling
भोपाल. गांधी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को काउंसलिंग हुई, तो अन्य राज्यों के छात्र पल में 'परायेÓ हो गए। बाहरी राज्यों के छात्रों को हाईकोर्ट के आदेशानुसार निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला नहीं मिला। साल खराब होने के डर से हताश छात्रों का गुस्सा फूटा और जमकर हंगामा भी हुआ। तीन घंटे तक काउंसलिंग बाधित रही। अधिकारियों के समझाने के बाद छात्र माने। लगभग 1100 छात्रों को विभिन्न कॉलेजों में सीट अलॉट हो चुकी थीं। मंगलवार को दस्तावेज जांचने की बारी आई तो बाहरी राज्यों के छात्रों को मना कर दिया गया। गौरतलब है कि जबलपुर हाइकोर्ट ने पिछले दिनों निर्देश दिया था कि निजी मेडिकल कॉलेज में केवल प्रदेश के अभ्यर्थियों को ही प्रवेश मिले। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मंगलवार से नए सिरे से काउंसलिंग शुरू की। काउंसलिंग शुरू होते ही बाहरी राज्यों के छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। अधिकारी उन्हें समझाते रहे कि ये कोर्ट का आदेश है, इसलिए वे कुछ नहीं कर सकते। चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉॅ.़ जीएस पटेल ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद नए सिरे से लिस्ट तैयार की गई। करीब एक हजार से ज्यादा छात्रों के नाम जोड़े गए।

दिया था अस्थाई दाखिला
डॉ. जीएस पटेल ने बताया कि हमने बाहरी राज्यों के छात्रों को पहले ही जानकारी दे दी थी। साथ ही काउंसलिंग नियम वेबसाइट पर अपलोड कर दिए थे। इसमें साफ लिखा था कि एमपी डोमिसाइल का मामला कोर्ट में पेंडिंग है, इसिलए दूसरे राज्यों के अथ्यर्थियों को जो सीट मिलेगी वह अस्थाई होगी।

मूल दस्तावेज के लिए होते रहे परेशान
काउंसलिंग में नाम हटने के बाद छात्रों ने मूल दस्तावेज और डिमांड ड्राफ्ट वापस करने की मांग की तो उन्हें बाद में आने को कहा तो छात्र भड़क गए। छात्रों का कहना था कि एेसे तो हमारे दस्तावेज गुम हो जाएंगे। करीब दो घंटे के हंगामे के बाद विभाग द्वारा छात्रों के मूल दस्तावेज लौटाने की व्यवस्था की गई।

कोर्ट जाएंगे बाहरी राज्यों के छात्र
कोर्ट के आदेश के बाद अब छात्र कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। नासिक महाराष्ट्र से आए फैजल सैयद ने बताया कि कोर्ट का आदेश इतनी देर से आया कि उन्हें नुकसान हो गया है। महाराष्ट्र मंे दाखिले बंद हो गए हैं। वहीं उत्तरप्रदेश से आए राकेश यादव ने बताया कि इस आदेश से छात्रों का नुकसान होगा। छात्रों का कहना है वो फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।
Published on:
28 Sept 2016 01:44 am
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