मिशन उपचुनाव : सत्ता-संगठन बैठे साथ, हर प्रभारी से ली रिपोर्ट, बोले- मैदान में जुट जाओ


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- तीन विधानसभा व एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव की तैयारी
- दिनभर चला बैठकों का दौर, संबंधित सीट के नेताओं संग मंथन
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Jitendra Chourasiya, भोपाल। प्रदेश में तीन विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भाजपा में सत्ता और संगठन ने शनिवार को साथ बैठकर मंथन किया। दिनभर मैराथन बैठकों के बाद संबंधित सीटों से जुड़े नेताओं को कहा गया कि मैदान में जुट जाओ। गांव और बूथ स्तर तक टीम बनाकर काम करो। बैठक में हर नेता से अब तक के काम की पूरी रिपोर्ट ली गई। निर्देश दिए गए कि सभी प्रभारी नेता व मंत्री सबसे पहले एक-एक दौरा तुरंत संबंधित सीटों पर करें। वहां से फीडबैक भी लें।
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सीएम हाउस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री सुहास भगत और सह-संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने संयुक्त रूप से यह बैठक की। इसमें चारों सीटों के प्रभारी मंत्री, स्थानीय मंत्री, विधायक, संगठन के प्रभारी सहित अन्य नेताओं को बुलाया गया था। प्रत्येक नेता से सीएम व अध्यक्ष ने पूछा कि अब तक कितनी बैठकें और दौरे किए। संबंधित क्षेत्रों में गांव समितियां बनाई या नहीं बनाई। बूथ स्तर पर टीम बनी या नहीं बनी। किस सीट की क्या स्थिति है और अब तक का क्या फीडबैक मिला है। हर नेता से उसके दौरे के अनुभव पूछे गए। मंत्रियों ने उनके दौरे के अनुभव भी नेताओं को बताएं। कांग्रेस के कब्जे वाली सीटों पर हारे बूथों को लेकर विशेष तौर पर तैयारी करने क लिए कहा गया। इसके अलावा कहां कांग्रेस कमजोर या मजबूत है और कहां क्या दिक्कतें हैं, इस पर भी संवाद हुआ।
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माइक्रो मैपिंग, काम में जुटो-
सीएम शिवराज और प्रदेश अध्यक्ष वीडी ने सीधे तौर पर नेताओं को कहा कि मैदानी स्तर पर काम में जुट जाईये। अभी चुनाव में समय हैं, लेकिन तब तक मैदानी नेटवर्किंग पूरी हो जानी चाहिए। जिन इलाकों मे ंपार्टी का वोटबैंक कम है, उन पर ज्यादा ध्यान देने के लिए कहा गया।
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कोरोना की छाया -
कोरोना को लेकर भी आशंका व्यक्त की गई। बैठक में कहा गया कि चुनाव की तारीख की मंजूरी केंद्रीय निर्वाचन आयोग के स्तर पर होना है। यदि कोरोना काबू में रहता है, तो जल्द चुनाव होंगे, लेकिन यदि कोरोना बढ़ता है तो चुनाव में समय लगेगा। अभी मध्यप्रदेश में ठीक हालात है, लेकिन अन्य कई राज्यों में स्थितियां बिगड़ रही है, इस कारण अभी चुनाव की उम्मीद कम हो रही है।
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सत्ता-संगठन का संतुलन जरूरी-
बैठक में साफ तौर पर कहा गया कि हर सीट पर सत्ता और संगठन से नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। मंत्री और संगठन के नेता आपस में समन्वय करके काम करें। सबसे पहले एक-एक दौरा जल्द करें। इसके अलावा मैदानी स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करें। कहां कितनी बैठकें हुई हैं और कहां नहीं हुई, इसकी पूरी जानकारी लें। जिलाध्यक्षों से इस बारे में पूछे। साथ ही मंडल व वार्ड-गांव स्तर तक प्रभारियों स पूरी जानकारी लेकर अपडेट करें।
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टिकट पर अभी कोई संवाद नहीं-
बैठक में टिकट पर कोई संवाद नहीं हुआ। अभी केवल यही कहा गया कि सभी को मिलकर टीम भावना से काम करना है। प्रत्येक सीट के लिए अलग-अलग संबंधित नेताओं के साथ बैठक की गई।
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इन सीटों पर चुनाव, दावेदारों की भरमार-
खंडवा लोकसभा सीट पर नंदकुमार सिंह चौहान के निधन के बाद उपचुनाव होना है। यहां से अर्चना चिटनीस, नंदकुमार के बेटे हर्ष और कृष्ण मुरारी मोघे प्रमुख दावेदार हैं। वहीं पृथ्वीपुर विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक बृजेंद्र सिंह राठौर, जोबट सीट कांग्रेस विधायक कलावती भूरिया और रैगांव सीट भाजपा विधायक जुगल किशोर बागरी के निधन से खाली हुई हैं। हर सीट पर तीन से चार प्रमुख दावेदार हैं।
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जीतेन्द्र चौरसिया Reporting
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