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जब भी मौका मिला महिलाओं ने इतिहास पढ़ा ही नहीं… रचा भी है, सत्ता-समाज दोनों को नई दिशा दी है

Women leadership: मौका मिला तो महिलाओं ने इतिहास पढ़ा ही नहीं, बल्कि इतिहास रचा भी है, इतिहास की कहानी बनकर पन्नों में सिमटी नहीं भविष्य भी गढ़ा है…
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भोपाल

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Sanjana Kumar

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Updated: 19 Apr 2026, 6:00 AM IST

Women Leadership Power

Women Leadership Power (photo:patrika creative)

Women leadership: महिला आरक्षण बिल आखिरकार कागजों में सिमट कर रह गया। विपक्ष के विरोध यानी सियासी सहमति ने इसका रास्ता अटका दिया और परिणाम ये हुआ कि भारतीय राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी का सपना फिलहाल अधूरा ही रह गया। इस बहस के बीच भी कहना होगा आरक्षण न हो न सही… लेकिन जब-जब महिलाओं ने सत्ता की बागडोर संभाली है, उनके नेतृत्व ने एक नई और ऐसी परिभाषाएं गढ़ी हैं, जो दुनिया भर के लिए मिसाल बनी हैं। गौरव की बात ये है कि दुनिया के ऐसे देशों में भारत का नाम भी बड़ी शान से लिया जाता है। क्योंकि यहां भी महिला राजनेताओं की भूमिका वाले नेतृत्व ने ऐसे फैसले लिए जिन्होंने हर किसी को चौंका दिया और उनका असर भारतीय समाज और शासन दोनों को नई दिशा दे गया।

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