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FSSAI की रोक के बाद बड़ा सवाल: भारत के 4.5 मिलियन टन पेपर वेस्ट का क्या करें? जलाना या फेंकना कितना सही?

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने खाने की चीजों को रद्दी अखबार या पेपर में बेचने से रोक लगा दी है। लेकिन, सिर्फ इससे बात नहीं बनने वाली। क्योंकि, भारत में पेपर वेस्ट 4.5 मिलियन टन तक है जिसको सही तरीके से कलेक्ट करके रिसाइकिल करने से ही इसके खतरों से बचा जा सकता है।
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भारत

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Ravi Gupta

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Updated: 6 Jun 2026, 6:52 PM IST

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रद्दी पेपर में फूड पैक करने की प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- Patrika

Paper Waste In India : फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को अखबार में खाना पैक करने और परोसने से रोकने के साफ निर्देश दिए हैं। साथ ही इसके कई नुकसान भी बताए हैं। पर, आप यह जानकर हैरान हो सकते हैं कि इन रद्दी पेपर्स को फेंकना, जलाना या बेचना भी उतना ही खतरनाक है। यह रद्दी पेपर थोड़ा-बहुत नहीं बल्कि सालाना 4.5 मिलियन टन होता है।

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