
Chhattisgarh Tree Plantation: एक ओर जहां विकास की दौड़ में हर दिन हजारों पेड़ कट रहे हैं और जंगल सिकुड़ते जा रहे हैं, वहीं दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक के छोटे से गांव बड़े औंरी के 65 वर्षीय देवचरण साहू ने यह साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों तो अकेला व्यक्ति भी प्रकृति का भविष्य बदल सकता है। जिस एक एकड़ जमीन को कभी लोग बंजर, पथरीली और बेकार मानते थे, आज उसी जमीन पर 1000 से अधिक पेड़ों का घना मिनी जंगल लहलहा रहा है। यह कहानी केवल पेड़ लगाने की नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति समर्पण, संघर्ष, धैर्य और अटूट विश्वास की कहानी है। यह उस इंसान की तपस्या है जिसने पेड़ों को केवल पौधे नहीं, बल्कि अपने बच्चों की तरह पाला।
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