
विधानसभा सीट पर सांसद की दावेदारी से विधायक परेशान, कार्यकर्ताओं ने किया शक्ति प्रदर्शन
भोपाल. विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा कार्यालय में हर दिन पदाधिकारियों की बैठक चल रही। सोमवार को भाजपा कार्यालय के अंदर रामलाल ने तोमर, राकेश सिंह, विनय सहस्रबुद्धे और सुहास भगत के साथ अलग से चुनावी मंत्रणा की। इसी बीच कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं का हंगामा शुरु हो गया।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजपा में विधानसभा सीट पर सांसद की दावेदारी से विधायक परेशान हैं। टिकट उम्मीदवारी को लेकर मोहन यादव, गोपाल परमार, सतीश मालवीय, केदार शुक्ला भी भाजपा कार्यालय पहुंचे।
कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की नारेबाजी
प्रदेश पदाधिकारियों के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर राम लाल ने बैठक ली। इस बीच कार्यालय के बाहर शुजालपुर के कार्यकर्ता स्थानीय विधायक जसवंत हाडा के खिलाफ नारेबाजी हुई।
जानकारी के मुताबिक राजेन्द्र भैया के समर्थन में इस दौरा 100 से ज्यादा लोग कार्यालय पहुंचे थे। बाद में राजगढ़ जिले की खिलचीपुर सीट से भाजपा विधायक हजारीलाल दांगी के खिलाफ भी भाजपा कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।
दावेदारों की भीड़ में फंस गए भाजपा पदाधिकारी
कार्यालय के बाहर ऊर्जा विकास निगम के अधयक्ष विजेंद्र सिंह सिसोदिया के पुत्र देवेन्द्र सिसोदिया ने शुजालपुर से टिकट के लिए शक्तिप्रदर्शन किया। इस बीच बैठक समाप्त होने के बाद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
खबर के मुताबिक बैठक से बाहर निकल रहे भाजपा पदाधिकारी नरेंद्र सिंह तोमर, विनय सहस्रबुद्धे, प्रभात झा दावेदारों की भीड़ में फंस गए। काफी मशक्कत के बाद भाजपा पदाधिकारी को भी़ड़ से बाहर निकाला गया।
शिवराज के विरोध में उतरे बाबा
कम्प्यूटर बाबा ने बताया कि प्रदेश के संतों का समागम कर संतों की मन की बात शुरू करने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत 23 अक्टूबर को इंदौर से की जाएगी। ग्वालियर में 30 अक्टूबर, खंडवा में 4 नवंबर, रीवा में 11 नवंबर और जबलपुर में 23 नंवबर को संतों का महासम्मेलन किया जाएगा।
इसमें नर्मदा नदी के विकास एवं स्वच्छता, जल शुद्धीकरण, गौरक्षा और मंदिर निर्माण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा। कंप्यूटर बाबा बोले, नर्मदा का जो हाल है, बर्दाश्त नहीं होता है। सरकार के खिलाफ बोलने से गनमैन तक हटा लिया गया है।
दरअसल, नर्मदा के बहाने सीधे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर बाबा के अटैक से पार्टी असहज हुई है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के भोपाल दौरे में कंप्यूटर बाबा के मामले पर चर्चा हुई थी।
शाह ने बाबा के खिलाफ किसी तरह की बयानबाजी नहीं करने की नसीहत देते हुए मनाने को कहा था। राज्य सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा पाने वाले कंप्यूटर बाबा ने स्वीकार किया कि उन्हें समझाने के लिए कुछ संतों ने संपर्क किया था।
Published on:
22 Oct 2018, 2:54 PM IST
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