भोपाल

मोबाइल मैनिया : फोन की लत पहुंचा रही अस्पताल, पेरेंट्स को रखना चाहिए इन बातों का ख्याल

वजन कम होने और नींद न आने की समस्या से परेशान है तो हो जाएं सतर्क।

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मोबाइल मैनिया : फोन की लत पहुंचा रही अस्पताल, पेरेंट्स को रखना चाहिए इन बातों का ख्याल

बच्चों में मोबाइल की लत ज्यादातर परिजन के लिए चिंता का विषय है। मगर ये लत सिर्फ बच्चों तक ही नहीं सीमित है। कई मामलों में बड़ों में भी इसके कई गंभीर प्रभाव देखे गए हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में सामने आया है। दरअसल, शहर के नारियलखेड़ा इालके में रहने वाले 22 साल के हर्ष शर्मा को मोबाइल एडिक्शन के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

सोमवार को परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बताया कि, मोबाइल पर ज्यादा वक्त बिताने से उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है। इससे उसमें वजन कम होने और नींद न आने की समस्या हो गई थी। चिकित्सकों के अनुसार युवक को मोबाइल मैनिया नामक बामारी की आंशंका जताई जा रही है। इस बीमारी के शुरुआती लक्षण ये हैं कि, पीड़ित का तेजी से वन तो घटना ही है, साथ ही, पीड़ित नींद न आने की समस्या से भी ग्रस्त रहता है। हालांकि, बीमारी बढ़ने पर पीड़ित में और भी कई घातक लक्षण दिखाई देने लगते हैं।


पेरेंट्स रखें इन बातों का ध्यान

- स्क्रीन टाइम डिसाइड करें। इस तरह से नियम बनाएं कि पूरे दिन में तय समय पर ही मोबाइल या कोई और गैजेट यूज़ कर सकते हैं।

- स्क्रीन-फ्री जोन बनाएं। घर के कुछ पोर्शन को स्क्रीन-फ्री जोन बनाएं, जैसे कि बच्चों को वहां कोई भी गैजेट इस्तेमाल करने से मना कर दें।

- एक्टिविटीज़ को बैलेंस करें। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरह की अलग-अलग एक्टिविटीज़ में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें।

- डिजिटल एडिक्शन के खतरे के बारे में बताएं। उन्हें बताएं कि स्क्रीन पर ज्यादा वक्त बिताने से किन-किन खतरों का सामना करना पड़ सकता है।

सिस्टम की लाचारी की तस्वीर ! देखें वीडियो

Published on:
31 Jan 2023 03:15 pm
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