इस माह के आखिरी तक 4 से 5 डिग्री तक गिर सकता है तापमान, दिवाली के बाद बढ़ेगी सर्दी
भोपाल. शहर में मौसम शुष्क होने के बाद मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। इन दिनों अब शहर में हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है। आने वाले दिनों में भी मौसम शुष्क रहने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के साथ भोपाल से भी मानसून की विदाई के संकेत दिखाई दे रहे हैं। शहर में मानसून की विदाई की परििस्थतियां भी बन गई है। ऐसे में एक दो दिनों में मानसून की विदाई की घोषणा हो सकती है।
पिछले दिनों बारिश का दौर थमने के बाद इन दिनों मौसम शुष्क होने लगा है। हवा का रूख भी इस समय उत्तरी बना हुआ है, जिसके कारण न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट आ रही है। गुरुवार को भी दिन में जहां उत्तर पूर्वी हवा रही तो शाम के समय हवा का रूख उत्तरी रहा। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 30.9 और न्यूनतम 20.2 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 31.3 और न्यूनतम 21.6 डिग्री दर्ज किया गया था। इस तरह एक ही दिन में शहर के न्यूनतम तापमान में लगभग डेढ़ डिग्री की गिरावट आई है।
मौसम में ठंडक देख निकलने लगे हाफ स्वेटर
पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज अचानक ठंडा हो गया है। इसके कारण शाम के समय कई लोग हाफ स्वेटर पहने हुए भी दिखाई देने लगे हैं। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि फिलहाल हवा का रूख बार-बार बदल रहा हैं। इसलिए फिलहाल तापमान में उतार चढ़ाव का सिलसिला जारी रहेगा। दिवाली के बाद ठंडक और बढ़ सकती है। इस माह के आखिरी तक तापमान में 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। क्योकि अब न्यूनतम तापमान में कभी हल्की गिरावट तो कभी उछाल का सिलसिला चलता रहेगा। इस माह के आखिरी तक तापमान 15 डिग्री तक पहुंच सकता है।
विदाई की परििस्थतियां हो रही निर्मित
मौसम विज्ञानी और असिस्टेंट डायरेक्टर ममता यादव ने बताया कि अब मानसून की विदाई की परििस्थयां बनने लगी है। इसलिए एक दो दिनों में विदाई की घोषणा हो सकती है। इस समय हवा का रूख उत्तरी बना हुआ है। शाम को उत्तरी हवा 1 से 3 किमी की ऊंचाई पर थी, इसलिए ठंडक का अहसास हो रहा है। फिलहाल तापमान में हल्का उतार चढ़ाव का क्रम जारी रहेगा। न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आएगी। अभी दो चार दिन मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है।
इन परििस्थतियों में होती है मानसून की विदाई
- हवा का रूख उत्तर पूर्वी होने लगता है
- मौसम शुष्क हो, बादलों की िस्थति न हो
- नमी की मात्रा में कमी आने लगती है
- वायुमंडल में प्रतिचक्रवात बनने लगता है