
ओडीएफ घोषित होने के बाद भी कई गांव में बहुएं खुले में ही शौच के लिए जा रहीं थी, ऐसी बहुओं के लिए 18 सास ले लगाई दौड़
भोपाल. पंचायतों में ओडीएफ घोषित होने के बाद भी कई गांवों की महिलाएं खुले में ही शौच के लिए जा रहीं थीं। सर्वे में पता चला कि इनमें ज्यादातर बहुएं हैं। सास तो घर में बने शौचालय में ही जाने लगी हैं। ऐसी बहुओं को प्यार दुलार और खेल भावना से समझाने के लिए जिला पंचायत ने सास की लोटा दौड़ का आयोजन फंदा स्थित स्टेडियम में किया। इसमें 18 सास ने दौड़ लगाईं। ताकि बहुएं समेत अन्य लोग समझ सकें कि खुले में शौच करने से इज्जत को तो खतरा है ही, बीमारियां भी होती हैं। 50 मीटर की रेस भले ही सास के लिए थी, लेकिन सबक बहुओं को मिला।
दौडऩे वाली 50 से 60 साल उम्र की बुजुर्ग सासें थीं और दर्शक बनी बहुएं। 50 मीटर दौडऩे के बाद सास ने विनिंग प्वाइंट पर पानी से भरा लोटा फेंका और संदेश दिया कि बहुएं जिंदगी भर खुले में शौच न जाएं। वे इज्जत घर में ही शौच करें। सास बोलीं कि हम तो जिंदगी भर शौच के लिए जंगल और खेतों में भागते रहे, बहुओं के लिए सुविधा है तो वे ऐसा न करें।
फस्र्ट, सेकंड और थर्ड आईं सास
शाम 5 बजे शुरू हुई दौड़ में 18 बुजुर्ग सास शामिल हुईं। इसमें फस्र्ट राधा प्रजापति, सेकेंड मंजू प्रजापति और थर्ड अर्पिता प्रजापति रहीं। इन्हें उनकी बहुओं ने ही फूल माला और मेडल पहनाए। संदेश सिर्फ इतना कि खुले में शौच करने न जाएं। सोमवार को यहां मां और बेटी को एक साथ रंगोली बनवाकर विजेता को मेडल से सम्मानित किया। सास रेशमबाई ने बताया, खुले में शौच करने जाने में शर्मिंदगी होती है। दौड़ लगाकर बहू से वादा लिया कि कभी भी खुले में शौच के लिए न जाएं।
वर्जन
कोरोना के दौरान गांवों में सर्वे कराया गया था। जिसमें पता चला कि ओडीएफ के बाद भी कई महिलाएं खुले में शौच के लिए जा रही हैं। उन्हें कैसे समझाया जाए, इसके लिए इस रेस का आयोजन किया गया है।
विकास मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत
Published on:
12 Oct 2021 09:27 pm
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