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पुनर्गणना में बढ़े नंबर, तो स्कूल टॉपर बनी छात्रा, अब मिलेगी ई-स्कूटी

बड़ी संख्या में कापियों के पुनर्गणना के आवेदन आने से मासिमं के अधिकारी हैरान हैं। पुर्न मूल्यांकन के बाद करीब 25 फीसद बच्चों के अंक बढ़ गए हैं। इससे बोर्ड की टॉपर्स लिस्ट गड़बड़ा गयी है।

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भोपाल. बोर्ड कापियों का मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों की लापरवाही से बड़ी संख्या में कापियों के पुनर्गणना के बाद करीब 25 फीसद बच्चों के अंक बढ़ गए हैं। इससे बोर्ड की टॉपर्स लिस्ट गड़बड़ा गयी है। पुनर्गणना के बाद कई स्कूलों में ई स्कूटी के कई-कई दावेदार हो गये हैं। किसे संतुष्ट किया जाए और किसे नाराज इससे असमंजस की स्थिति बन गयी है।

रिमझिम बन गयी स्कूल टॉपर

नवीन कन्या हायर सेकंड्री स्कूल में पढऩे वाली रिमझिम ने 12वीं कक्षा में 402 नबंर प्राप्त किए थे। स्कूल में उसका दूसरा स्थान था। लेकिन, रिमझिम अपने अंकों से संतुष्ट नहीं थी। इसलिए उसने पुनर्गणना के लिए आवेदन किया। पुनर्गणना के रिजल्ट के बाद छात्रा के 30 नंबर बढ़ गए हैं। छात्रा ने बताया कि उसने जब कॉपी देखी तो उसमें कुछ प्रश्न ऐसे थे जो चेक ही नहीं किए गए थे। 30 नंबर बढऩे के बाद रिमझिम अब स्कूल टॉपर बन गई है। ऐसे में वह ई-स्कूटी के लिए भी पात्र है।

फेल से ज्यादा पास छात्र करा रहे पुनर्गणना
माशिमं ने अधिकारियों ने बताया कि सरकार की लैपटॉप और ई-स्कूटी योजना के कारण अब फेल से ज्यादा पास विद्यार्थी पुनर्गणना के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसमें ऐसे छात्रों की संख्या अधिक है, जो 5-10 नंबर से 75 प्रतिशत या स्कूल टॉपर बनने से रहे गए हैं।

20 हजार ने किया आवेदन

12वीं कक्षा के करीब 20 हजार छात्र-छात्राओं ने इस साल पुनर्गणना के लिए आवेदन किया था। इसमें से 25 फीसदी विद्यार्थियों के नंबर चेंज हुए हैं।

एक स्कूल से हुआ तीन छात्रों का चयन
सरकार की योजना अनुसार हर स्कूल से एक टॉपर को ई-स्कूटी दी जानी है, लेकिन शहर के सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में तीन विद्यार्थियों के नंबर समान होने के कारण तीनों विद्यार्थी स्कूटी के पात्र हो गए हैं। भोपाल जिले में 12वीं कक्षा में स्कूल टॉप करने वाले 130 विद्यार्थियों को ई-स्कूटी दी जाएगी। इसमें 59 छात्र एवं 61 छात्राएं शामिल हैं।

गलत कॉपी चेक करने वाले शिक्षकों को मंडल द्वारा ब्लैक लिस्टेड किया जाता है। साथ ही एक गलती पर तीन लोग मूल्यांकन कर्ता, उप मुख्य परीक्षक और मुख्य परीक्षक पर 100-100 रुपए का अर्थदंड भी लगाया जाता है। कार्रवाई के लिए शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है।
-मुकेश मालवीय,जनसंपर्क अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा मंडल