हर रोज औसतन 37 नवजात शिशुओं की मौत
भोपाल। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की स्थिति कैसी है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य में प्रतिवर्ष 12 हजार से अधिक नवजात अस्पतालों में ही दमतोड़ देेते हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने लिखित उत्तर में बताया कि पिछले पांच वर्ष में 68 हजार 301 नवजात शिशुओं की मौत हुई है। इस सरकारी आंकड़े के मुताबिक यानी हर रोज औसतन 37 नवजात शिशुओं की मौत हुई।
कांग्रेस विधायक ने पूछा था कि चाइल्ड इनटेंसिव केयर यूनिट में इलाज के दौरान पिछले पांच साल में कितने नवजात शिशुओं की मौत हुई। साथ ही इन्होंने पिछले दिनों भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हुए हादसे की जांच को लेकर सवाल किए थे, लेकिन इसका जवाब मंत्री डॉ. चौधरी ने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी एकत्र की जा रही है।
हमीदिया हादसे की जांच पर जानकारी जुटाने की बात
भोपाल के हमीदिया हादसे को लेकर सरकार से पूछा था कि पिछले माह आग लगने और उसमें नवजात शिशुओं के मृत होने की घटना की जांच करने किस अधिकारी को नियुक्त किया था। क्या स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर कोई जांच की है। इस हादसे के लिए किन-किन दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई। इस पर मंत्री कोई जवाब नहीं दिया, सिर्फ इतना ही कहा कि जानकारी एकत्रित की जा रही है।
सरकारी अस्पतालों के ऐसे हैं हाल
वर्ष ---- उपचारत नवजात शिशु ---- मृत नवजात शिशु
2016-17 ---- 93630 ---- 12952
2017-18 ---- 95231 ---- 13106
2018-19 ---- 101854 ---- 13954
2019-20 ---- 111133 ---- 14759
2020-21 ---- 99148 ---- 13530
कुल ---- 500996 ---- 68301
सामने आई अधिकारियों की लापरवाही
विधानसभा के जवाब देने में भी विभाग कितने जिम्मेदार होते हैं, इसका उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला। विधायक जीतू पटवारी द्वारा सरकारी अस्पतालों में नवजातों की मौत पर पूछे गए सवाल पर विभाग के अधिकारियों ने जवाब में हमीदिया अस्पताल में बीते पांच वर्ष में 68 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत की जानकारी दे दी। 2020-21 में 13530 नवजातों की मौत बताई गई। हालांकि यह आंकड़ा प्रदेशभर का है।