बाढ़ और बारिश से हाहाकार, इतिहास के सभी रिकॉर्ड टूटे, 1 लाख से ज्यादा लोग अब तक बेघर

बाढ़ और बारिश से हाहाकार, इतिहास के सभी रिकॉर्ड टूटे, 1 लाख से ज्यादा लोग अब तक बेघर
बाढ़ और बारिश से हाहाकार, इतिहास के सभी रिकॉर्ड टूटे, 1 लाख से ज्यादा लोग अब तक बेघर

Faiz Mubarak | Updated: 19 Sep 2019, 04:29:19 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

एमपी में हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने कई जिलों के हालात बेकाबू हैं। भोपाल में अब तक की बारिश ने एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। गांधी सागर बांध के ओवर फ्लो होने से आई बाढ़ के चलते अब तक लगभग 27 हजार घर बर्बाद हो चुके हैं, साथ ही एक लाख से ज्यादा लोग बेघर हैं।

भोपाल/ मध्य प्रदेश में हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने कई जिलों में हाहाकार के हालात पैदा कर दिया है। राजधानी भोपाल समेत मंदसौर, उज्जैन और इंदौर संभाग में कई स्थानों पर भारी बारिश का सिलसिला जारी है, जिसके कारण यहां बाढ़ के हालात बने हुए हैं। मंदसौर में गांधी सागर बांध के ओवर फ्लो होने के कारण आई बाढ़ से अब तक लगभग 27 हजार घर बर्बाद हो चुके हैं, साथ ही एक लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं।

 

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राजधानी में रिकॉर्ड तोड़ बारिश

भोपाल में हुई अब तक की बारिश ने एक ने एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। बुधवार को हुई 11.9 मिमी बारिश के बाद अब तक यहां 1694 मिमी बारिश दर्ज हो चुका है। मध्य प्रदेश मौसम विभाग के पास प्रदेश के मौसम को लेकर साल 1980 से लेकर अब तक के रिकॉर्ड हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले 2006 में सबसे अधिक 1686.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जिसे प्रदेश की सबसे अधिक बरसात माना जाता था, लेकिन, इस बारिश ने प्रदेश से मॉनसून जाने की संभावित तारीख से 12 दिन पहले ही उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।

 

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अब तक प्रदेश में बिगड़े इतने हालात

मध्यप्रदेश में बाढ़ और बारिश से अब तक अनुमानित 11 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान भोपाल, उज्जैन और इंदौर संभाग में हुआ है। प्रदेश में अब तक 530 लोगों की मौत भी हो चुकी है। प्रदेश में 5400 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। जबकि, 25 लाख हेक्टेयर के करीब फसल खराब हुई है, जिसका नुकसान लगभग 24 लाख किसानों को हुआ हैं।

 

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प्रदेश में भी 35 फीसदी बरसात

प्रदेश में अब तक औसत से 34 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे सीजन में मध्यप्रदेश में 952 मिमी बारिश होना चाहिए, जबकि इस साल अब तक 1204.1 मिमी बरसात हो चुकी है, जबकि, इस समय तक औसतन बारिश 899.2 मिमी होती है। प्रदेश में 30 सिंतबर तक मॉनसून सक्रीय रहता है। इस हिसाब से अब भी ग्यारह दिन मॉनसून शेष रहेगा, जिसके कारण प्रदेश भर में कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

 

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केन्द्र से राहत की उम्मीद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार की और से एक अध्ययन दल गठित किया गया है, जो प्रदेश में बारिश और बाढ़ से बिगड़े हालात का जायज़ा लेकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद केन्दरस सरकार की ओर से प्रदेश के लिए राहत राशि स्वीकृत की जाएगी। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, केन्द्र सरकार से 30 हजार करोड़ राशि की मांग की गई है, जिसके मिलने के अधिक चांसेस हैं। इधर, विधि मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि, प्रदेश सरकार अब तक बारिश और बाढ़ से राहत कार्य में 325 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है।

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