
MP MInisters Bungalow(patrika creative)
MP News: बीते दो वर्ष में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के सरकारी बंगलों के रखरखाव, मरम्मत, साज सज्जा, बिजली संबंधी आदि कामों पर 25.81 करोड़ रुपए खर्च किए गए। कई मंत्रियों के बंगलों पर तो इतना खर्च हुआ है कि उतनी राशि में नया बंगला बन सकता था। विधानसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी सामने आई है।
इसके अनुसार पिछले दो साल में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के शासकीय बंगलों के रखरखाव, मरम्मत और विशेष मरम्मत पर 4.62 करोड़ और लघुमूलक कार्य, अतिरिक्त निर्माण पर 12.28 करोड़, साज सज्जा पर 2.69 करोड़, रंग-रोगन पर 1.42 करोड़ और पानी के बिल पर 4.43 लाख रुपए खर्च हुए हैं। विद्युत कार्य के रखरखाव और मरम्मत पर अलग से 4.76 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसमें यह भी सामने आया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास भोपाल में सीएम हाउस के अलावा दो और बंगले हैं। इसी प्रकार मंत्री विश्वास सारंग के पास भी दो बंगले हैं।
विधायक राजन मंडलोई के सवाल के लिखित जवाब में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने यह जानकारी दी है। सवाल के अनुसार 1 जनवरी 2024 से अभी तक खर्च की जानकारी मांगी गई थी। बताया गया कि एमपीके कुछ मंत्रियों को राजधानी के साथ उनके गृह जिलों में भी बंगले आवंटित किए गए हैं। मंत्री कृष्णा गौर, विश्वास सारंग को भोपाल में, प्रद्युम्न सिंह तोमर को ग्वालियर, लखन पटेल को दमोह में, गोविंद सिंह राजपूत को सागर, राकेश शुक्ला को ग्वालियर में आवास आवंटित किए गए हैं।
मंत्री ने जानकारी में बताया है कि पूर्व सीएम शिवराज सिंह को 74 बंगले पर बी-8 बंगले के लिए 1.98 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। इसमें से 25.47 लाख खर्च हुए। मंत्री सारंग को सी-12 बंगले के लिए 1.97 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। इसमें से 1.36 करोड़ खर्च हो चुके हैं।
बता दें कि प्रदेश की मोहन सरकार लगातार कर्ज ले रही है। एमपी पर कर्ज का बोझ विपक्ष के लिए मुद्दा बना हुआ है। अब विधान सभा में एक सवाल के जवाब में जो खुलासा हुआ उसने चौंका कर रख दिया है।
Published on:
21 Feb 2026 10:49 am
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