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एमपी में आज फाइनल हो जाएंगे सभी मतदाता, SIR के बाद नाम जोड़ने, हटाने की प्रक्रिया पूरी

SIR : शनिवार को मध्य प्रदेश के कुल मतदाताओं की स्थिति साफ हो जाएगी। सभी जिलों में निर्वाचन अधिकारी मतदाता की फाइनल सूची प्रकाशित कर बताएंगे कि, किस विधानसभा सीट में कितने मतदाताओं के नाम काटे गए हैं और कितने जुड़े हैं।

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आज फाइनल हो जाएंगे सभी मतदाता (photo Source- Patrika)

SIR : स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर तहत नाम जोड़ने, हटाने के लिए बुलाए गए दावे-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज शनिवार को मध्य प्रदेश के कुल मतदाताओं की स्थिति साफ हो जाएगी। सभी जिलों में निर्वाचन अधिकारी मतदाता की फाइनल सूची प्रकाशित कर बताएंगे कि, किस विधानसभा सीट में कितने मतदाताओं के नाम काटे गए हैं और कितने जुड़े हैं। इस तरह आज चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। हालांकि, अभी सामान्य रूप से चलने वाली ऑनलाइन आवेदन के जरिए नामों को जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

एसआईआर की कार्यवाही पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत उनके मंत्रियों के क्षेत्र से 8 लाख 20 हजार 255 नाम काटे गए थे। इसके बाद नए नाम जोड़ने को लेकर तय समय-सीमा में सिर्फ 1 लाख 69 हजार 753 आवेदन जमा हुए। इनमें सबसे अधिक नाम भोपाल से मंत्री कृष्णा गौर और विश्वास सारंग के विधानसभा इलाके के कटे थे। उसी तरह नए नाम जोड़ने के लिए सबसे अधिक आवेदन जमा हुए थे। वहीं, पूरे प्रदेश की बात करें तो 42 लाख 74 हजार से अधिक नाम काटने की कार्यवाही एसआईआर में की गई और इसके विपरीत नए नाम जोड़ने के लिए सिर्फ 9 लाख 89 हजार 991 लोगों ने आवेदन जमा किए गए थे।

किस प्रमुख सीट पर कितने नाम जुड़े

नए नाम जोड़ने के लिए जिन विधानसभा क्षेत्रों में 10 हजार से अधिक आवेदन जमा किए गए, उसमें मंत्री कृष्णा गौर की गोविंदपुरा विधानसभा सीट सबसे आगे हैं। यहां 17888 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आए। इसके बाद मंत्री विश्वास सारंग की सीट नरेला में 15115 नए नाम जोड़ने के आवेदन आए थे। असके अलावा, भोपाल जिले की हुजूर विधानसभा सीट, जहां मौजूदा समय में भाजपा के रामेश्वर शर्मा विधायक हैं, वहां से 13024 नए नाम जोड़ने के आवेदन आए। इंदौर जिले में इंदौर-2 विधानसभा सीट से 10446 और इंदौर-5 विधानसभा से 11040, राऊ सीट से 12700, नागदा खाचरौद सीट से 11047 आवेदन जमा कराए गए।

दो विधानसभाओं से आए सबसे कम आवेदन, नाम है राजनगर और बीना

छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए महज 1138 आवेदन आए। राजनगर कांग्रेस के पूर्व एमएलए विक्रम सिंह नातीराजा का क्षेत्र है। इसके साथ ही बीजेपी में शामिल होने को लेकर विवादों में चल रही कांग्रेस की एमएलए निर्मला सप्रे भी उन विधायकों में शामिल हैं जिनके यहां नए नाम जोड़ने के लिए कम आवेदन जमा हुए थे। बीना विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर के बाद नाम जोड़ने के लिए 1288 आवेदन जमा हुए।

इन विधानसभा सीट में भी दो हजार से कम आवेदन आए

चुनाव आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक टिमरनी विधानसभा सीट से 1463 आवेदन मिले थे। भगवानपुरा सीट से 1556 और रतलाम ग्रामीण के लिए 1629 आवेदन जमा कराए गए तो जावद सीट के लिए 1649 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आए। छतरपुर जिले की मलहरा विधानसभा सीट से 1742 आवेदन आए। पूर्व मंत्री बिसाहू लाल सिंह की सीट अनूपपुर से 1750 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए मिले थे। वहीं शमशाबाद विधानसभा सीट के लिए 1781 आवेदन जमा किए गए। भीकनगांव के लिए 1794, बदनावर सीट से 1799, बड़वाह सीट के लिए 1838 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के विधानसभा क्षेत्र से 1934 आवेदन जमा हुए थे।

मंत्री कृष्णा और सारंग के क्षेत्र में सबसे अधिक नाम कटे

एसआईआर में सबसे अधिक नाम गोविन्दपुरा से विधायक और मोहन सरकार में मंत्री कृष्णा गौर के क्षेत्र से काटे गए थे। भोपाल जिले की इस विधानसभा सीट से 97052 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। दूसरे स्थान पर इंदौर-5 से बीजेपी विधायक महेंद्र हार्डिया का विधानसभा क्षेत्र है। मोहन सरकार के मंत्री विश्वास सारंग और कैलाश विजयवर्गीय के क्षेत्र से 81235 और 75014 वोटर्स के नाम काटे गए। एसआईआर में सबसे कम 6034 नाम नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र से कटे।

5 मंत्रियों के क्षेत्र में कटे 50 हजार नाम

एसआईआर ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद जो रिपोर्ट सामने आई, उसके अनुसार मोहन सरकार के पांच मंत्रियों के क्षेत्र में 50 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। इसमें भोपाल के दो विधानसभा क्षेत्र गोविन्दपुरा और नरेला, इंदौर के इंदौर-1, ग्वालियर जिले की ग्वालियर विधानसभा, ग्वालियर दक्षिण विधानसभा, इंदौर जिले की इंदौर -1 विधानसभा शामिल है।

मुख्यमंत्री के यहां 37728, विस अध्यक्ष के यहां 13920 नाम कटे थे

एसआईआर के ड्राफ्ट प्रकाशन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विधानसभा सीट उज्जैन दक्षिण से 37728 वोटर्स के नाम काटे गए हैं। मुरैना जिले के दिमनी विधानसभा सीट से विधायक और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के क्षेत्र के 13920 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटे हैं।

किसके क्षेत्र में कितने नाम कटे?

कांग्रेस के विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के विधानसभा क्षेत्र गंधवानी से 14712 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। अटेर विधानसभा कांग्रेस के हेमंत कटारे का निर्वाचन क्षेत्र है जहां से 17505 मतदाताओं के नाम कटे हैं। पूर्व मंत्रियों के क्षेत्र में एनालिसिस करने के बाद यह सामने आया कि महेंद्र हार्डिया के यहां सबसे अधिक 87591 नाम कटे हैं। जबलपुर पूर्व से विधायक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के क्षेत्र में 49215 वोटर्स के नाम एसआईआर में काटे गए। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के क्षेत्र से 21981 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।