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एमपी के 1 लाख नर्सिंग स्टूडेंट का भविष्य अधर में, परीक्षा थमी, रुके रिजल्ट

MP Nursing College Scam The future of 1 lakh nursing students of MP नर्सिंग स्टूडेंट का भविष्य भी दोबारा अधर में लटकता दिख रहा है। परीक्षाएं हो नहीं रहीं हैं, परिणाम रुके पड़े हैं।

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MP Nursing College Scam The future of 1 lakh nursing students of MP

MP Nursing College Scam The future of 1 lakh nursing students of MP

MP Nursing College Scam The future of 1 lakh nursing students of MP : एमपी के नर्सिंग स्टूडेंट फिर परेशानी में पड़ते दिख रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों की दोबारा जांच होगी। इससे नर्सिंग स्टूडेंट का भविष्य भी दोबारा अधर में लटकता दिख रहा है। परीक्षाएं हो नहीं रहीं हैं, परिणाम रुके पड़े हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित नर्सिंग फर्जीवाड़ा मामले में 169 सूटेबल कॉलेजों की दोबारा सीबीआई जांच के एमपी हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया है। इसी के साथ प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों की याचिका को भी खारिज कर दिया।

यह भी पढ़ें : रद्द होगी नीट परीक्षा! एमपी में याचिका पर सुनवाई पर क्या बोला हाईकोर्ट

एमपी हाईकोर्ट ने 30 मई को मान्यता संबंधी दोबारा सीबीआई जांच के आदेश जारी किए थे। प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज की याचिका को खारिज करते हुए उन्हें एमपी हाईकोर्ट में ही अपील करने की सलाह दी।

बता दें कि प्रथम चरण में प्रदेश के 308 कॉलेजों की जांच की गई थी। इसमें से 169 नर्सिंग कॉलेजों को सूटेबल (Suitable), 66 कॉलेजों को अनसूटेबल (Unsuitable) और 73 कॉलेजों को डेफिसिएंट (Deficient) कैटेगरी में रखा गया।

एक लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स की परेशानी

प्रदेश के इन नर्सिंग कॉलेजों में एक लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया था। अब दोबारा जांच से अध्ययन, परीक्षा, परिणाम सभी में दोबारा विलंब होना तय है। जुलाई 2023 में आयोजित प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट पीएनएसटी की परीक्षा परीक्षा का रिजल्ट अभी तक नहीं आया है। प्रथम वर्ष के तीन-साल पूरे होने पर भी परीक्षा नहीं हुई।

2020-21 में शुरू हो गया था घोटाला- नर्सिंग कॉलेज घोटाले की शुरुआत 2020-21 से हो चुकी थी। इस सत्र में एक साथ 219 नए कॉलेजों को खोलने की मंजूरी दे दी गई। इस तरह प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 448 से बढक़र 667 हो गई। इनमें से अधिकांश कॉलेज फर्जी थे।

फर्जी कॉलेजों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी कॉलेजों को अनफिट बता दिया गया। घोटाला उजागर होने के बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंपी थी लेकिन अफसरों ने रिश्वत लेकर अपात्र कॉलेजों को भी पात्र बता दिया। रिश्वतकांड में सीबीआई अफसर सहित 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

नर्सिंग कॉलेज घोटाला— अपडेट
जनवरी 2022: प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता में फर्जीवाड़े पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर
मार्च 2022: हाईकोर्ट ने सरकार और कॉलेजों को नोटिस जारी किए
जून 2022: सरकार की रिपोर्ट में फर्जीवाड़े का खुलासा, बिना बिल्डिंग के भी कॉलेजों को मान्यता दे दी गई थी
सितंबर 2022: हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सीबीआई जांच के आदेश दिए
जुलाई 2023: नर्सिंग मामले की सभी याचिकाएं हाईकोर्ट जबलपुर स्थानांतरित
फरवरी 2024: सीबीआई ने जांच रिपोर्ट पेश की
मई 2024 : सीबीआई दिल्ली ने रिश्वत कांड में जांच अफसर और कॉलेज अधिकारियों को पकड़ा

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