
Congress President Kharge's instructions have a strong effect in MP
Kamalnath- गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में कांग्रेसाध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सक्रिय होने का आग्रह करते हुए निष्क्रिय नेताओं को आराम करने की हिदायत दी थी। उनकी इस बात का एमपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने भी समर्थन किया था। कमलनाथ ने राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे से केवल जुबानी सहमति नहीं जताई बल्कि इसपर अमल भी कर दिखाया। अधिवेशन की समाप्ति के फौरन बाद वे पहले भोपाल आए और फिर छिंदवाड़ा भी पहुंच गए। अपने भोपाल व छिंदवाड़ा प्रवास के संबंध में कमलनाथ ने कई ट्वीट भी किए।
देशभर में पिछले तीन लोकसभा चुनावों और ज्यादातर विधानसभा चुनावों में हार से पस्त पड़ी कांग्रेस ने अहमदाबाद अधिवेशन में पार्टी को इस हाल से उबारने के लिए व्यापक विचार विमर्श किया। यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस नेताओं से सक्रियता दिखाने का भी आग्रह किया था। एमपी में इसका असर भी दिखाई देने लगा है। प्रदेश के जो बड़े नेता अधिवेशन के बाद ही एक्टिव मोड में आ गए, उनमें कमलनाथ भी हैं।
प्रदेश के सबसे वरिष्ठ और उम्रदराज नेताओं में शुमार कमलनाथ शुक्रवार को बेहद सक्रिय नजर आए। वे भोपाल आए और कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। यहां से कमलनाथ छिंदवाड़ा भी गए जहां नेताओं, कार्यकर्ताओं से लेकर पत्रकारों और आमजनों से भी मिले। मेल मुलाकातों, बातचीत के व्यस्त पलों में भी कमलनाथ अपने एक्स हेंडल पर भी बने रहे और कई ट्वीट किए।
भोपाल प्रवास के संबंध में कमलनाथ ने एक्स पर लिखा कि आज भोपाल आवास पर प्रदेशभर से आए कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और सम्मानित नागरिकों से मुलाकात की। उन्होंने ट्वीट के साथ मेल मुलाकातों की कई फोटो भी पोस्ट कीं।
छिंदवाड़ा पहुंचकर कमलनाथ ने अपने एक्स पर भावुक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- छिंदवाड़ा परिवार के बीच आने से बड़ा सुख कुछ नहीं है… आप सबके स्नेह से अभिभूत हूं… एक अन्य ट्वीट में कमलनाथ ने लिखा- छिंदवाड़ा के जन जन के
हृदय में कांग्रेस है।
कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं और आमजनों के साथ ही छिंदवाड़ा में पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने इस संबंध में भी ट्वीट करते हुए बताया-
कांग्रेस ने अपने अहमदाबाद अधिवेशन में संगठन को मज़बूत करने पर व्यापक चर्चा की। हम किस तरह अपने संगठन को गाँव-गाँव और बूथ-बूथ तक ले जाएं, इस पर चिंतन किया गया।
जहाँ तक EVM का सवाल है तो मैं पहले भी कह चुका हूँ कि अमेरिका और जापान जैसे देश भी EVM का इस्तेमाल नहीं करते। EVM पर किसी को विश्वास नहीं है। EVM मेनुप्लेट की जा सकती है।
Updated on:
11 Apr 2025 08:23 pm
Published on:
11 Apr 2025 07:53 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
