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एक्सपर्टस की चेतावनी…ज्यादा Reels देखने से आपको हो सकता है ‘मौन बहरापन’

MP News: 12 से 35 वर्ष आयु वर्ग के अनुमानीत 20-30 प्रतिशत युवा लगातार तेज ध्वनि में रील्स या संगीत सुनते हैं.....

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Loud music and reels

Loud music and reels प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

MP News: मोबाइल, ईयरफोन और अन्य डिजिटल गैजेट्स पर तेज आवाज में संगीत और रील्स देखना-सुनना अब केवल आदत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए खतरा भी है। विशेषज्ञ इसे 'मौन बहरेपन' की संज्ञा दे रहे है, जिसमें सुनने की क्षमता धीरे-धीरे घटती जाती है और व्यक्ति को समय रहते इसका एहसास भी नहीं होता।

स्वास्थ्य शोध और शहरी मोबाइल उपयोग के आंकड़ों के आधार पर भोपाल में 12 से 35 वर्ष आयु वर्ग के अनुमानीत 20-30 प्रतिशत युवा लगातार तेज ध्वनि में रील्स या संगीत सुनते हैं। यह संख्या 3.5 से 5 लाख तक पहुंच चुकी है, जिनमें सुनने की क्षमता प्रभावित होने का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। जो लोग पहले से कम सुनते हैं, उनमें हियरिंग लॉस और बढ़ने की आशंका अधिक होती है, खासकर तब जब वे मोबाइल या गैजेट्स के वॉल्यूम अलर्ट का पालन नहीं करते।

विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

जीएमसी की ईएनटी सर्जन डॉ. कृतिका वाईके ने कहा कि ये आदतें समय रहते नहीं बदली गईं, तो युवाओं में स्थायी हियरिंग लॉस के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। तेज आवाज से बचाव और सुरक्षित सुनने की आदतें अपनाना अब सार्वजनिक स्वास्थ्य की जरूरत बन चुका है।

कैसे छोड़े रील्स देखने की आदत

  • फोन का इस्तेमाल करने की समय-सीमा तय करें।
  • जब कोई काम कर रहे हो तो फोन को खुद से दूर रखें।
  • रील्स की लत छुड़ाने के लिए आप किताबें पढ़ने की आदत डाल सकते हैं।
  • परिवार के साथ समय बिताने की आदत डालें।
  • बच्चों के साथ एक्टिविटी में साथ दें।
  • पार्क में टहलने जाएं।
  • हफ्ते में एक दिन डिजिटल डिटॉक्स जरूर करें।