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MP के 100 गांवों का होगा ‘मेगा विकास’, माइक्रो प्लान से दिखेगा चमत्कार

MP Villages Mega Development: सीएम मोहन यादव पहुंचे दिल्ली, चार महीने में दूसरी बार की पीएम मोदी से मुलाकात, नक्सलमुक्त इलाकों के गांवों का लिया फीड बैक... एमपी में कैसे काम कर रहा 'पीएम मोदी विजन'

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MP 100 Villages Development

MP 100 Villages Development(मोहन सरकार के माइक्रो प्लान से नक्सल प्रभावित रह चुके एमपी के सौ गांवों का बदलेगा नक्शा)

MP Villages Mega Development: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को नरसिंहपुर के गाडरवारा में सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन की विस्तारित परियोजना का भूमिपूजन का करने का न्योता दिया। साथ ही मप्र को नक्सल मुक्त बनाने और किसानों के कल्याण के लिए वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने जैसे अहम कामों व नवाचारों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने दो साल के कार्यकाल में हासिल उपलब्धियों के बारे में बताया और अगले तीन साल में किए जाने वाले बड़े कामों का रौडमैप भी सौंपा।

पीएम मोदी ने नक्सल प्रभावित रहे जिलों के गांवों का फीडबैक लिया

सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री से बालाघाट, मंडला और डिंडौरी के उन गावों के बारे में फीडबैक लिया, जो लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों के कारण प्रभावित रहे। इस पर मुख्यमंत्री ने तीनों के ऐसे 100 गांवों के विकास का माइक्रो प्लान प्रधानमंत्री मोदी के सामने रखा। यह भी बताया कि तीनों जिलों में तय डेडलाइन से पहले चिह्नित नक्सलियों को खत्म किया। अब उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोडऩे में भी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इन गांवों में विकास कार्यों को लेकर विस्तार से योजना बनाई है। इसके तहत शीघ्र ही काम शुरू होंगे।

पीएम मोदी से मुख्यमंत्री की चार महीने में यह दूसरी मुलाकात है। पीएम मोदी चार महीने पहले अपने जन्मदिन पर 17 सितंबर को धार आए थे, जहां उन्होंने पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन किया था। दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी भेंट की और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर विचार-विमर्श किया।

सीएम ने बताया सरकार का 'मोदी विजन', AI कॉन्फ्रेंस और 7 एमओयू

सरकार सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में एआइ का उपयोग कर रही है। सरकार जल्द एआइ नीति लाएगी। प्रदेश में एआइ पर मिशन मोड में काम होगा। ये बातें सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहीं। बोले-प्रदेश के माइनिंग व हेल्थ सेक्टर में एआइ के प्रयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। विकसित भारत के लक्ष्य में राज्य सरकार पीएम मोदी के विजन के अनुसार काम कर रही है। सीएम ने भोपाल में मप्र रीजनल एआइ इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने एआइ लिटरेसी मिशन के तहत फ्यूचर स्किल्स फॉर एआइ पावर्ड भारत के लिए कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल सरकारी स्कूल-कॉलेजों,

आइटीआइ, शिक्षकों व सरकारी अफसरों को एआइ के प्रति जागरूक करेगी। उन्हें ट्रेनिंग देकर शहर व गांवों के डिजिटल अंतर कम करेगी। सीएम ने मप्र स्पेस टेक नीति-2026 भी लॉन्च की।

एमओयू से ये फायदे

-शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार एवं रोबोटिक्स को बढ़ावा।

- जलवायु परिवर्तन व सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में एआइ बेस्ड शोध एवं सहयोग।

- शासकीय विभागों में एआइ व क्लाउड तकनीक प्रोत्साहन।

- राज्य में एआइ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना।

- ग्रामीण व वंचित क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता।

पीएम मोदी से साझा किए ये काम और नवाचार

- पहली बार मप्र में किसानों के कल्याण के लिए पूरे वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष घोषित कर 10 संकल्पों का रोडमैप बनाकर काम शुरू किया।

- ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट की। इसमें 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक, निर्माण इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन एवं 5,810 करोड़ रुपए लागत से औद्योगिक विकास परियोजनाओं एवं सड़क का लोकार्पण हुआ।

- दुग्ध क्रांति लाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से अनुबंध कर तय किया कि 50 लाख किलोग्राम दूध प्रतिदिन सहकारी दुग्ध संघों के जरिए एकत्रित करेंगे। इसके लिए 26 हजार गांवों में सहकारी समितियां खोलेंगे।

- सिंहस्थ 2028 को सफल बनाने के लिए किए जाने वाले जरूरी कामों का मास्टर प्लान तैयार किया है। डेडलाइन पर काम कर रहे हैं।

- किसान, युवा, नारी और गरीबों के कल्याण के लिए चार अलग-अलग मिशन शुरू किए।

- आम जनता की सहूलियतों के लिए ई-ऑफिस।

- सिंचाई का रकबा 1 करोड़ हेक्टेयर करने सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी।

- आवागमन को बेहतर बनाने के लिए 12 लाख करोड़ से अधिक की सड़कों के काम चल रहे हैं।

- जीआइएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मिले 30 लाख 77 हजार करोड़ के प्रस्तावों में से 30% प्रस्तावों पर काम शुरू हो चुका है।

नरसिंहपुर में एनटीपीसी के सुपर पावर स्टेशन का होगा विस्तार

एमपी के नरसिंहपुर के गाडरवारा में एनटीपीसी लिमिटेड का सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन स्थित है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने उक्त सुपर पॉवर स्टेशन में 1600 मेगावॉट क्षमता के विस्तार की अनुमति दी है। जिसकी लागत 20 हजार 446 करोड़ रुपए है। इसे 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित ये परियोजना

यह परियोजना अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें एयर कूल्ड कंडेंसर टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया गया है, जो पारंपरिक वॉटर कूल्ड कंडेंसर (कूलिंग टॉवरों के साथ) की तुलना में पानी की खपत को 1/3 कम करता है। उक्त परियोजना के विस्तार के कामों का शुभारंभ पीएम मोदी द्वारा कराया जाना है।