
MPSD : ओवर एक्टिंग, लाइटिंग और लाउड म्यूजिक में खो गया वेनिस का सौदागर
भोपाल। रवीन्द्र भवन में गुरुवार को मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय(MPSD) की ओर से नाटक वेनिस का सौदागर का मंचन किया गया। यह विद्यालय के वर्ष 2018-19 सत्र का अंतिम प्रोडक्शन था। (MPSD) के इस नाटक का निर्देशन बापी बोस ने किया। नाटक की अवधि लगभग दो घंटे दस मिनट की रही। नाटक के लिए भव्य सेट और कास्ट्यूम का यूज किया गया, लेकिन कलाकारों की एक्टिंग, लाइटिंग इफैक्ट और लाउड साउंड के बीच पूरा नाटक कहीं खोता सा नजर आया। दर्शकों को नाटक का पहला हाफ काफी बोरिंग लगा। कई दर्शक तो बीच में उठकर बाहर जाते नजर आए। दर्शकों का कहना था कि नाटक को छोटा किया जा सकता था।
शुरुआत में नाटक का म्यूजिक काफी लाउड था। इस कारण दर्शकों को कलाकारों के संवाद ठीक से सुनाई ही नहीं दे रहे थे। कई सीन के साथ म्यूजिक मैच नहीं कर रहा था। हालांकि बाद में इसे कम किया गया। दर्शकों का कहना था कि कई दृश्यों में कलाकारों के आने और जाने से पहले ही लाइट फेड इन-फेड आउड कर दी गई।
दर्शक इसे आसानी से पकड़ पा रहे थे। तीसरे दृश्य में तो डीमर देने की बजाए सीधे लाइट ऑफ कर दी गई। (MPSD) के नाटक के चार-पांच किरदारों की एक्टिंग में थकावट नजर आई। हालांकि शाइलॉक के किरदार में अखंड शर्मा ने बेहतरीन एक्टिंग की। उन्होंने अपने किरदार को अच्छे से निभाया और अपने स्टाइल को किरदार में जोड़ते नजर आए।
सेट की भव्यता और कॉस्ट्यूम डिजाइन रहा शानदार
शो में लाइटिंग कर रहे कमल जैन ने बताया कि नाटक में वॉटर इफेक्ट को लेकर भी लाइटिंग से बनाया है। साथ ही लाइट से ही बादल और चांद भी बनाया है। नाटक की कॉस्ट्यूम डिजाइनर कृति वी शर्मा ने नाटक की ड्रेस को शेक्सपियरन टच के साथ-साथ मॉडर्न टच भी दिया, जो दर्शकों को काफी पसंद आया। सेट की भव्यता ने दर्शकों को मुग्ध कर दिया।
यह है कहानी
वेनिस सिटी का एक युवक बैसेनियो व्यापारी है औऱ पोर्शिया से प्यार करता है। वैसे तो बैसेनियो धनी आदमी था, लेकिन बहुत ज्यादा खर्चीला था। वह ट्रेड करने के लिए दूसरे देश बेलमोंट जाता है। इसके लिए वह शॉइलॉक नाम के व्यापारी से कर्ज लेता है। कर्ज लेते समय एक एग्रीमेंट साइन होता है, जिसमें लिखा जाता है कि यदि बैसेनियो कर्ज नहीं चुका पाया तो वह उसके शरीर से मीट निकाल लेगा।
जब बैसेनियो कर्ज नहीं चुका पाता तो वह मीट देने को तैयार हो जाता है, लेकिन बैसेनियो की गर्लफ्रैंड पोर्शिया व्यापारी शॉइलॉक के सामने शर्त रखती है कि वह मीट निकाल ले, लेकिन खून की बूंद नहीं निकलनी चाहिए। इस असंभव शर्त के कारण अंत में शॉइलॉक कर्ज की वसूली नहीं करता है।
Published on:
28 Jun 2019 11:41 am
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