
सालाना 40 लाख की वसूली सुविधाएं कौड़ी की नहीं
मंडीदीप. राजस्व वसूली के मामले में प्रदेश की सबसे धनी नगर पालिकाओंं में भले ही मंडीदीप का नाम आता है, पर सुविधाएं मुहैया कराने में इसका नंबर कहीं पीछे छूट गया है। हालात ये हैं कि नगर पालिका द्वारा सालाना हाट बाजार से बतौर तहबाजारी चालीस लाख रुपए की वसूली की जाती है, पर यहां बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई गई हैं, जिससे हाट बाजार में आने वाले ग्राहकों एवं व्यापारियों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां सब्जी की नीलामी के लिए कोई अलग से व्यवस्था की गई है और न ही दुकानदारों के बैठने के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित जगह मुहैया कराई गई है। व्यापारियों का आरोप है कि बाजार में तहबाजारी देने के बाद भी नगर पालिका द्वारा बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दी जा रही हैं।
स्थिति ये है कि शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगने वाले हाट बाजार सड़कों पर लग रहे हैं। नपा क्षेत्र में मंगल बाजार, शनिवार बाजार के अलावा शुक्रवार को सतलापुर में साप्ताहिक हाट लगता है। जिसमें एक हजार से अधिक फुटकर दुकानें लगाई जाती हैं। मंगल बाजार में रविवार को भी सब्जी फल की दुकानें लगती हैं। तहबाजारी देने के बाद भी यहां लाइट तक की व्यवस्था नहीं की गई है। नतीजतन दुकानदारों को इमरजेंसी लाइट किराए पर लेना पड़ती है। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ आता है।
20 से 30 रुपए में मिलती है लाइट
सड़क पर दुकान लगाने को मजबूर व्यापारियों को रोशनी के लिए किराए से लाइट लेना पड़ती है। इसके लिए उन्हें ठेकेदार को 20 से 30 रुपए चुकाना पड़ते हैं। मंगल बाजार में सब्जी की दुकान लगाने वाले संदीप कौल ने बताया कि इससे सभी को आर्थिक भार उठाना पड़ता है, जबकि तहबाजारी देने के बाद नगर पालिका को बाजार में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था करना चाहिए।
नहीं मिली सब्जी मंडी की सौगात
नगर में सब्जी मंडी के निर्माण के लिए पूर्व परिषद द्वारा योजना बनाई थी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा इसका भूमिपूजन भी किया गया था, पर इसके बाद भी मंडी की सौगात नहीं मिल सकी है। सब्जी मंडी के अभाव में दुकानदार खुले आसमान के नीचे सामान रखकर बेचने को मजबूर हैं। व्यापारी नारायण साहू ने बताया कि हाट बाजार के दिन शहर में अलग-अलग शहरों से किसान एवं व्यापारी सब्जियां लेकर आते हैं, पर शहर में एक ऐसा स्थान नहीं है जहां सब्जियों की नीलामी की जा सके। ऐसे में सड़क पर ही नीलामी की जाती है।
नगर पालिका द्वारा तहबाजारी लेने के बाद भी बाजार में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। इससे दुकानदारों एवं ग्राहकों को परेशान होना पड़ता है। नगर पालिका यदि स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कर दे तो कम से कम किराए से लाइट तो नहीं लेना पड़ेंगी।
राजकुमार लोघी, सब्जी विक्रेता
नगर पालिका द्वारा प्रतिवर्ष तहबाजारी के रूप में चालीस लाख रुपए की वसूली की जाती है, लेकिन फुटकर दुकानदारों के लिए एक भी रुपए खर्च नहीं किए जाते हैं। इससे दुकानदारों में आक्रोश है।
राजेंद्र राठौर, अध्यक्ष, फुटकर व्यापारी समिति
सब्जी मंडी के निर्माण की फाइल दिखवाकर जल्द से जल्द काम शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। ताकि व्यापारियों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
बद्रीसिंह चौहान, अध्यक्ष, नपा
Published on:
02 Sept 2018 04:09 pm
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