
Municipality will conduct DGPS survey of illegal colonies
बैतूल। अवैध कॉलोनियों में रहने वाले रहवसियों की समस्याएं जल्द ही दूर हो सकेगी। कॉलोनियों में सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएगी। अवैध कॉलोनियों में इन समस्याओं को दूर करने के लिए नगरपालिका ने डीजीपीएस(डिफ्रेशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सर्वे कराने की तैयारी कर रही है। ताकि इन कॉलोनी में विकास कार्य के लिए स्टीमेट तैयार किए जा सके। डीजीपीएस सर्वे का कार्य निजी कंपनी के माध्यम से कराया जाना है। सर्वे के उपरांत ले आउट का प्रकाशन किया जाएगा और फिर अवैध कॉलोनियों में विकास कार्य कराए जाएंगे।
93 कॉलोनियां मिली थी प्रारंभिक सर्वे में
कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व अमले ने शहर में अवैध कॉलोनियों को लेकर प्रारंभिक सर्वे किया था। इस सर्वे में 2016 के पूर्व की करीब 93 कॉलोनियां मिली थी। पूर्व में नगरपालिका के रिकॉर्ड में महज 57 कॉलोनियों ही 2016 के पूर्व की थी, लेकिन जब पटवारियों के माध्यम से शहर में सर्वे कराया गया तो 36 नई अवैध कॉलोनियां अस्तित्व में आई थी। जिसके बाद इन कॉलोनियों में विकास कार्य कराए जाने के लिए स्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
डीजीपीएस सर्वे के लिए हुए टेंडर
अवैध कॉलोनियों का डीजीपीएस (डिफ्रेशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सर्वे कराए जाने के लिए नगरपालिका ने टेंडर कॉल किए हैं। जिस एजेंसी को टेंडर मिलेगा वह विस्तृत सर्वे, प्राक्कलन, ले आउट का काम करेगी। बताया गया कि डीजीपीएस सर्वे में गूगल अर्थ के जरिए कार्डिनेट कर अवैध कॉलोनियों की लोकेशन तय की जाएगी। फिर उनका आंतरिक एवं बाह्य ले आउट तैयार किया जाएगा। इस ले आउट के आधार पर ही कॉलोनी में सड़क, नाली, विद्युत पोल आदि के लिए स्टीमेट तैयार होगा।
सर्वे उपरांत विकास शुल्क की होगी गणना
अवैध कॉलोनियों का डीजीपीएस सर्वे के उपरांत जो रिपोर्ट आएगी। उसके आधार पर नगरपालिका दावे-आपत्ति बुलाएगी। दावे-आपत्तियों का निराकरण करने के पश्चात कॉलोनी में किए जाने वाले विकास कार्यो के लिए विकास शुल्क की गणना की जाएगी। इसमें जो भी राशि कॉलोनी के विकास के लिए स्वीकृत होगी। वह कॉलोनी में रहने वाले रहवासियों एवं कॉलोनाइजर से वसूली जाएगी। इसके उपरांत ही नगपालिका कॉलोनियों में सड़क, नाली, विद्युत पोल लगाने जैसे काम शुरू कराएगी।
सड़क, नाली नहीं बनने से परेशान वार्डवासी
राजस्व विभाग के सर्वे में 2016 के पूर्व की जो 93 अवैध कॉलोनियां निकलकर सामने आई हैं उनमें आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं जिन लोगों के प्लाट इन कॉलोनियों में मौजूद हैं वह भी अनुमति नहीं मिलने के कारण मकान का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। हालांकि कई लोगों ने बिना अनुमति के ही मकान बना लिए हैं लेकिन अब इस मामले में भी कार्रवाई की जा रही है।
इनका कहना
- अवैध कॉलोनियों में डीजीपीएस सर्वे कराए जाने के लिए टेंडर कॉल किए गए हैं। राजस्व विभाग के प्रारंभिक सर्वे में 2016 के पूर्व की जो 93 कॉलोनियां आई थी उनमें यह सर्वे कराया जाना है। सर्वे के उपरांत इन कॉलोनियों में विकास कार्य के लिए स्टीमेट तैयार किए जाएंगे।
- अक्षत बुंदेला, सीएमओ नगरपालिका बैतूल।
Published on:
25 Apr 2023 08:15 pm
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