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नशा करने के बाद गदर मचा देती है मेरी सास , अब आप ही बताएं मैं क्या करूं!

मेरी सास नशा करने के बाद मचा देती है गदर- महिला आयोग में की बहू ने की शिकायत, बोली डर लगता है...
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 16 May 2018, 2:24 PM IST

my sasu mom

भोपाल। घर में कोई नहीं रहता तो मेरी सास शराब पीकर लोगों को अपशब्द कहती है। जब मैं शाम को घर पहुंचती हूं, तो कॉलोनी वाले मुझे मकान खाली करने को कहते हैं और झगड़ा करते हैं।

मुझे डर है कि कभी कोई बड़ी घटना मेरे घर में नहीं हो जाए। ऐसे में आप ही बताएं मैं क्या करूं! टीला जमालपुरा निवासी मुस्कान (परिवर्तित नाम) ने मप्र राज्य महिला आयोग में सास के खिलाफ शिकायत की है।

शादी के बाद पता चली सास की नशे की आदत
मुस्कान ने बताया कि उसकी शादी चार साल पहले हुई है। शादी के समय उसे सास की नशा करने की आदत नहीं पता थी। शादी के करीब एक सप्ताह बाद सास की आदत का पता चला।

इसके बाद उसने परिवार से अलग रहने का निर्णय लिया, लेकिन माता-पिता की जिम्मेदारी निभाने के कारण पति ने परिवार से अलग होने से इनकार कर दिया।

घर से निकाल देती है
मुस्कान ने बताया कि परिवार में दो ननद व दो देवर हैं। सभी रात में नशा करते हैं। परिवार के इस माहौल से वह बीते दो वर्षों से प्रताडऩा झेल रही है। सास नशे में कई बार पूरे परिवार को घर से बाहर निकाल देती है।

आवेदिका की शिकायत काफी गंभीर है। इसे जल्द ही संयुक्त बेंच में रखा जाएगा और दोनों पक्षों को बुलाया जाएगा।
- लता वानखेड़े, अध्यक्ष, महिला आयोग

इधर,पति नहीं देता पैसा, कैसे भरें बच्चों का पेट:
एक अन्य मामले में नगर निगम कर्मचारी के खिलाफ मंगलवार को जनसुनवाई में उपायुक्त बीडी भूमरकर से पत्नी ने वेतन घर पर नहीं देने की शिकायत दर्ज कराई। पत्नी प्रीति ने शिकायत कि, उनका पति नगर निगम में काम करता है, लेकिन वेतन घर पर नहीं देता। मामले को अपर आयुक्त फायनेंस को मार्क कर दिया है, ताकि राशि पत्नी और परिवार के भरण पोषण में खर्च हो।

साहब मुझे तो आत्महत्या की परमिशन दे दो...
वहीं एक दूसरे मामले में जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचा एक पीडि़त हंगामा करने लगा। जिसे एसडीएम श्वेता पवार ने डांटा, तो कहने लगा आप तो जेल भेज दो। कलेक्टर ने परेशानी पूछी तो मोहम्मद अतीक ने बताया कि 2008 में नगर निगम ने रानी अवंती बाई ट्रांसपोर्ट नगर कोकता में 865 प्लाट आवंटन करने 10 प्रतिशत राशि जमा करवाई थी।

585 लोगों ने 267 रुपए वर्गफीट के हिसाब से बुकिंग कराई। बाकी 124 लोगों के कागजात पूरे होने बाद भी वेटिंग में डाल दिया। अब ननि कैंप लगाकर सभी 124 लोगों को 15 दिन के अंदर 1638 रुपए वर्गफीट के हिसाब से 6 गुना अधिक पैसा मांग रहे हैं। कलेक्टर ने मामले को ननि आयुक्त के पास कार्रवाई के लिए भेज दिया है।