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सुभाष फाटक से फर्नीचर दुकानों का सफाया, सालों बाद खाली हुई जगह

संभाग आयुक्त अजाद शत्रु ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन फर्नीचर की दुकानों को हटाने के दिये आदेश

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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के सुभाष फाटक क्षेत्र में रेल्वे क्रासिंग के ऊपर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक के दबाव को कम करने पिछले साल से वहां होसंगाबाद रोड से प्रभात पेट्रोल पंप तक बन रहे ओवर ब्रीज के निर्माण हेतु उस क्षेत्र में रोड के किनारे संचालित फर्नीचर की दुकानों को हटा कर आगे का रास्ता दिखाया गया था, जिसे इस बार पूर्ण रुप से हटाने कि कवायग शुरु कर दी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह ही नगर निगम का अमला अपने पूरे दस्ते के साथ सुभाष फाटक पहुंचा। जहां अमले ने सुबह से ही फर्नीचर की दुकानों को हटाने की कवायद शुरु कर दी गई थी। वहीं दूसरी तरफ फर्नीचर दुकान मालिकों द्वारा भी अपने समान को समेट कर ले जाना शुरु कर दिया है।

हालाकि इतने ताम- झाम को हटाने में समय तो लगता ही है, लेकिन दुकानदारों ने अपने समान को गाड़ीयों में डालना प्रारंभ कर दिया है।

टेंटनुमा दुकानें...

सुभाष फाटर पूरे ऐरिया में फर्नाचर कि दुकानों को लिए जाना जाता है। यहां सभी प्रकार के लकड़ी के समान उपलब्ध होते हैं। यहां पर इन फर्नीचर की दुकानों को चलते काफी समय हो गया है। यहां पर दुकानें प्लास्टिक के सीट तथा बांस के टेंट में संचालित होते आ रही हैं।

वैसे तो यह सभी दुकानें बीना परमिशन के उस जगह पर संचालित होती आ रहीं है लेकिन शायद नगर निगम उस जगह को खाली ही चाहता है।

पहले भी हुई है हटाने की कवायद

इससे पहले भी नगर निगम द्वारा इन सभी फर्नीचर के दुकानों को हटाने की कवायद की जा चुकी है लेकिन उसका कारण कुछ और ही था। सुभाष रेल्वे फाटक के ऊपर बन रहे ओवर ब्रीज के जगह पर इन दुकानों का संचालन किया जा रहा था। जिसे नगर निगम द्वारा हटाने की कवायद की थी।

फर्नीचर दुकानदारों ने उस समय दुकान हटा ली थी, लेकिन जल्द ही उन्होने सुभाष फाटक अंडरब्रीज के आगे अपनी दुकानें सजा ली थी। इसके साथ ही वहां पर दुकानों की संख्या भी बढ़ गयी थी।

संभाग आयुक्त के निर्देश से चला अभियान

इस जगह में कई सालों से फर्नीचर दुकानें संचालित हो रही थी, जिसे अमले ने अपने दो- तीन प्रयासों के बाद पूर्ण रुप से हटा पाया है। सूत्रों की मानें तो यह सभी दुकानें क्षेत्रिय नेताओं के दबाव के चलते यहां पर इतने दिनों से बनी हुई थी। महापौर के साथ साथ इस बार संभाग आयुक्त को इसकी शिकायक की गई।

जिसमें संभाग आयुक्त अजाद शत्रु ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन फर्नीचर की दुकानों को हटाने के आदेश दिये। पूरे मामले में क्षेत्रिय नेताओं ने बहुत समय से दबाव बना कर रखा था, जिसे संभाग आयुक्त के द्वारा हल किया गया।

तीसरी लाईन हो सकता है कारण....

शहर के अंदर रेल्वे की तीसरी लाईन बढ़ाने काम चल रहा है। जिसमें बहुत समय से अंड़गा बन कर टंगा हुआ पुल भोगदा को भी प्रशासन ने हाल ही में बदल दिया था। वैसे भी पुल भोगदा उस जगह के ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने में कारगर नहीं था।

अब इस तीसरी लाईन का काम आगे तक बढ़ गया है, जिसमें यह क्षेत्र भी रेल्वे लाईन से लगा हुआ है। यह भी एक बड़ा कारण हो सकता इन फर्नीचर की दुकानों को हटाने का।

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