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शहर में मांस की बदबू से परेशान हैं? तो जोधपुर नगर निगम की इस योजना में सहयोग कर मिटाएं गंदगी

कई व्यापारी वेस्ट पहले की तरह ही दुकानों के आस-पास डाल रहे हैं।

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पूर्णिमा बोहरा/जोधपुर. नगर निगम ने मीट शॉप्स के आसपास व निगम के डम्पिंग स्टेशन से मीट वेस्ट को खत्म करने के लिए अगल से मीट वेस्ट कलेक्शन की योजना तो बनाई, लेकिन यह योजना सिरे चढ़ती नजर नहीं आ रही हैं। क्योंकि ठेकेदार व मीट व्यापारियों में सामंजस्य का अभाव नजर आ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि ठेकेदार अवैध वसूली कर रहा है, जबकि ठेकेदार का कहना है कि मात्र 20 प्रतिशत व्यापारी ही शुल्क चुका रहे हैं, लेकिन निगम शुल्क नहीं चुकाने वालों के प्रति कार्रवाई नहीं कर रहा। इधर, कई व्यापारी वेस्ट पहले की तरह ही दुकानों के आस-पास डाल रहे हैं। ऐसे में यह योजना फेल होती नजर आ रही है। कलेक्शन आधाइस योजना से प्रतिदिन 400 टन मीट वेस्ट केरू डम्पिंग स्टेशन पहुंच रहा था, लेकिन पिछले एक माह से इसकी मात्रा में कमी आ गई है। अब करीब 200 टन के करीब ही मीट वेस्ट केरू पहुंच रहा है। ठेकेदार व व्यापारियों में आपसी सामंजस्य के अभाव में कलेक्शन कम होता जा रहा है।

निचले कर्मचारी लगा रहे सेंध

ठेकेदार का आरोप है कि क्षेत्र में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को दुकानदार कम राशि में यह वेस्ट दे देते है। ये कर्मचारी इस वेस्ट को डम्पिंग स्टेशन पर ही डाल देते है और ठेके फर्म को यह वेस्ट नहीं मिल पाता। व्यापारी पुराने ढर्रे से ही चलना चाह रहे हैं। इधर, निचले कर्मचारी दोनों के बीच के विवाद में मलाई खा रहे हैं।


10 किलो वेस्ट की राशि 250 रुपए

निगम के अनुसार एक दुकान से प्रतिदिन 10 किलो वेस्ट निकलता है तो उससे प्रतिमाह 250 रुपए वसूला जाएगा। प्रतिदिन 10 किलो से ऊपर वेस्ट हो तो ठेकेदार व व्यवसायी आपसी सामंजस्य से यह राशि तय करेंगे। निगम से यह सख्त आदेश दिए गए है कि किसी भी सूरत में व्यवस्था बिगडऩी नहीं चाहिए।

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