24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

देखें video: हनुमान मंदिर में नर्मदा सरोवर कुंड, घाट और परिक्रमा मार्ग बनेगा

20 लाख से अधिक की लागत से एक साल में बनकर होगा तैयार
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

yashwant janoriya

•

Updated: 17 Feb 2024, 7:49 PM IST

देखें video: हनुमान मंदिर में नर्मदा सरोवर कुंड, घाट और परिक्रमा मार्ग बनेगा

देखें video: हनुमान मंदिर में नर्मदा सरोवर कुंड, घाट और परिक्रमा मार्ग बनेगा

भोपाल. शाहपुरा त्रिलंगा में नृसिंह टेकरी के सिद्ध हनुमान मंदिर परिसर में नर्मदा सरोवर कुंड तैयार हो रहा है। यह नर्मदा कुंड करीब एक साल में बनकर तैयार होगा। पहाड़ी पर बसे इस मंदिर परिसर को धार्मिक पर्यटन की तर्ज पर समिति की ओर से विकसित किया जा रहा है। आने वाले एक साल में यह बनकर तैयार होगा। टेकरी पर बने मंदिर परिसर में इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। करीब 6 हजार वर्गफीट में बनकर तैयार होगा। इस नर्मदा कुंड के आसपास 6 घाट बनेंगे, इसके साथ ही परिक्रमा मार्ग भी बनाया जाएगा, जहां लोग परिक्रमा कर सकेंगे। इस कुंड में बोङ्क्षरग से पानी डाला जाएगा, इसके साथ ही नर्मदा का जल भी इसमें डाला जाएगा। पानी को साफ सुथरा रखने के लिए यहां फाउंटेन भी लगाए जाएंगे। सिद्ध नृसिंह विकास समिति के सचिव सुभाष बचकैया ने बताया कि इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। जनसहयोग से करीब 3 लाख इसमें खर्च हो चुके हैं। इसके लिए शासन से भी सहयोग मांगा गया है।
छह एकड़ से अधिक परिसर में है मंदिर
वैसे तो यह मंदिर काफी प्राचीन है। मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि पहले यहां टेकरी पर सिर्फ एक चबुतरे पर हनुमानजी विराजमान थे, इसके बाद 1996 में इसका जीर्णोद्धार किया गया। टेकरी पर होने के कारण इस मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बाद में यहां शिव मंदिर, संग्रहालय, सत्संग हाल, नवग्रह वाटिका का निर्माण किया।
‘शीलम परम भूषणम्’ गैलरी का लोकार्पण
तुलसी नगर के नर्मदा मंदिर में जयंती महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा। मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की जाएगी, पवित्र जल से मां नर्मदा का अभिषेक किया जाएगा। इस मौके पर हमारी संस्कृति हमारी धरोहर पर आधारित शीलम परम भूषणम नामक चित्र गैलरी का शुभारंभ किया जाएगा। इसमें कला एवं संस्कृति विभाग की महिलाओं द्वारा नई पीढ़ी को पारंपरिक रीति रिवाजों और इनमें निहित मर्म से परिचित कराने वाले, सनातन गुरु परम्पराओं को दर्शाने वाले पूर्वजों द्वारा समाज, देश के दिए योगदान से सजे सभागार आदि के चित्र उकेरे गए हैं। इस मौके पर मंदिर से कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिर पहुंचेगी।