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एमपी में बाढ़, नर्मदा के कई पुल डूबे, जमुनिया में चार लोग फंसे, देखें Video

एमपी में लगातार और तेज बारिश के कारण कई जगहों पर बाढ़ आ गई है। नर्मदा में उफान आ चुका है, कई पुल डूब गए हैं। नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर 962 फ़ीट से ऊपर पहुंच गया है। यहां बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश हुई है।

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कई जगहों पर बाढ़

एमपी में लगातार और तेज बारिश के कारण कई जगहों पर बाढ़ आ गई है। नर्मदा में उफान आ चुका है, कई पुल डूब गए हैं। नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर 962 फ़ीट से ऊपर पहुंच गया है। यहां बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश हुई है।

बारिश का दौर रात भर जारी रहा पर शनिवार सुबह बारिश थम गई। इसके बाद भी नर्मदापुरम में निचले तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। खंडवा में भी अति बारिश के कारण हालत खराब हो रही है। इंदौर इच्छापुर हाइवे मोरटक्का ब्रिज बंद कर दिया गया है। यहां नर्मदा का पानी पुल के ऊपर आ चुका है।

नर्मदा में उफान से नर्मदापुरम जिले में बाढ़ के हालात बन गए हैं। निचले इलाके पानी में डूब चुके हैं। नर्मदापुरम जिले में शुक्रवार सुबह से लेकर रात 12:30 बजे तक लगातार बारिश होती रही। शनिवार सुबह बरसात कुछ थमी है पर तवा बांध के साथ बरगी बांध के गेट खुलने के कारण शहर में बाढ़ के हालात बनने की आशंका है। रायसेन के बारना डैम के भी गेट खोले जा सकते हैं।

नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर रात में ही नर्मदा का जल स्तर 953.60 फीट पर आ चुका था। यहां खतरे का निशान 967 फ़ीट पर है, जबकि 954 फ़ीट पर शहर के निचले इलाकों, नर्मदा व तवा के तटीय गांवों में बेक वाटर से बाढ़ आनी शुरू हो जाती है। 2019 में भी जिला तीनों डैम ओर लगातार तेज़ बारिश से बाढ़ का दंश झेल चुका है।

नर्मदापुरम के बांद्राभान में पुलिया के ऊपर 2 फ़ीट पानी बह रहा है। मालाखेडी से बान्द्राभान मार्ग बन्द हो गया है। नर्मदापुरम कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि जिले में अभी बाढ़ की स्थिति ऐसी नहीं है कि लोगों को राहत शिविरों या उच्च स्थान पर शिफ्ट किया जाए।

यहां ग्राम जमुनिया में चार लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है। जिले के सभी अनुविभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों को निचले इलाकों और तटीय ग्रामों में अलर्ट कर तैनात किया गया है। होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए मुस्तैद है।

उज्जैन में शुक्रवार शाम 5:00 बजे से लगातार बारिश का दौर जारी है।
यहां लगभग 4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। शिप्रा ऊफान पर है, रामघाट के अनेक मंदिर और छोटे ब्रिज डूब चुके हैं।

शुक्रवार रात चोरल के पास उतेडिया गांव में पुलिया पर करते हुए थार कार पानी में बह गई। कार में मौजूद पूर्व मंत्री रंजना बघेल के बेटे यश और भांजे तेजस व एक अन्य युवक को सुरक्षित बचा लिया गया।

खरगोन में भारी बारिश के चलते जिले के स्‍कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 16 सितम्बर को अवकाश घोषित कर दिया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कक्षा पहली से लेकर कक्षा बारहवीं तक के सभी विद्यालयों के लिए अवकाश घोषित किया गया है।

खरगोन में वेदा नदी भी उफान पर है। सेल्दा बमनाला मार्ग अवरूद्ध हो गया है। यहां कुंदा नदी में भी बाढ़ आ गई है।

इंदौर के रीगल क्षेत्र में कल शाम 4:15 से आज सुबह 8 बजे तक 189 mm याने 7.5 इंच वर्षा हुई। यहां अब तक कुल वर्षा 1179 mm (46.41 इंच) हो चुकी है।

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