
conjunctivitis symptoms
मध्यप्रदेश में आइफ्लू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। सभी जिलों से आइफ्लू के मरीजों की खबरें आ रही हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश (national Health mission) ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी कर अस्पतालों में व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, वहीं लोगों के लिए भी आइफ्लू और कंजक्टिवाइटिस से बचाव के लिए एडवायजरी जारी की है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (cmho) को निर्देश दिए गए हैं। इसमें अस्पतालों के नेत्र विभाग में जरूरी व्यवस्था के लिए कहा गया है। प्रदेश में बढ़ रहे कंजक्टिवाइटिस और आइफ्लू के मामलों के लिए चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नेत्र संक्रमण से बचाव करने के लिए आम लोगों में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए इसका प्रचार-प्रसार किया जाए। जनता के लिए भी एडवायजरी जारी की गई है।
इन बातों का रखें ध्यान
0-अपनी आंखों को छूने से पहले साफ पानी और साबून से हाथ धो लें।
0-सेनेटाइजर को भी अपने साथ रख सकते हैं।
0-संक्रमित व्यक्ति अपना टॉविल, तकिया, रुमाल, आईड्राप आदि को अन्य सदस्यों से दूर रखें।
0-स्विमिंग पूल, तालाब, पोखर आदि में नहाने से बचें।
0-लोगों को कांटेक्ट लेंस पहनना बंद कर देना चाहिए। अपने नेत्र चिकित्सक से सलाह जरूर लें।
0-कुछ दिनों के लिए आंखों के आसपास सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग न करें।
0-ब्यूटी प्रोडक्ट का भी उपयोग करने से फिलहाल बचना चाहिए।
0-आंखों को गर्म पानी या गीले कपड़े से साफ करें। कपड़ों को गर्म पानी से धोना चाहिए।
0-यदि आंखें लाल होने लगे तो स्वास्थ्य केंद्र में दिखा लें। बगैर डाक्टरी सलाह के कोई दवा इस्तेमाल न करें।
यह है लक्षण (conjunctivitis symptoms)
0-आंखें लाल होने लगती है, सूजी हुई लगती है।
0-आंखों से चिपचिपा पदार्थ निकलता रहता है।
0-जलन और खुजली होने लगती है।
0-तेज रोशनी में आंखें बंद होने लगती है।
0-सुबह पलकें चिपक जाती हैं।
अब आंख मिलाने से डरने लगे लोग
खंडवा से खबर है कि यहां बड़ी संख्या में मरीज अस्पतालों की ओपीडी में आ रहे है। आलम यह है कि लोग एक-दूसरे से आंखें भी नहीं मिला रहे हैं। ऐसी भ्रांतियां हैं कि किसी मरीज से आंख मिलाएंगे तो उन्हें भी आइ फ्लू हो जाएगा। खंडवा जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में 80 प्रतिशत मरीज सिर्फ आई फ्लू से पीड़ित हैं। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे पीड़ित हैं। 2 से 14 साल के बच्चे अधिक ग्रस्त है। यह इंफेक्शन एक-दूसरे से फैलता है।
यह भी ध्यान रखें
0-इंफेक्शन होने पर धूप का चश्मा पहने।
0-बाहर से आने पर तुरंत ठंडे पानी से आंखें धो लें।
0-एंटी एलर्जी मेडिसिन का प्रयोग करते रहें।
0-बच्चों को बाहर न निकलने दें।
आंख में देखने से नहीं होता कंजंक्टिवाइटिस
ऐसी भ्रांतियां हैं कि किसी व्यक्ति को कंजंक्टिवाइटिस है और उसकी आंखों से आंखें मिलाकर देख लेंगे तो उन्हें भी हो जाएगा। लेकिन, ऐसा नहीं होता है। यह सोच पूरी तर से गलत है। यह इंफेक्शन किसी के भी आंख में देखने से नहीं फैलता है। बल्कि यह फ्लू डायरेक्ट कांटेक्ट में आने से फैलता है।
Updated on:
31 Jul 2023 07:21 pm
Published on:
27 Jul 2023 02:31 pm
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