
बिग बी के सेक्रेटरी ने कटवाया था नवीनचंद्र भूता का टिकट
हरि किशनदास जाधव भूता के 1965 में निधन के बाद उनके बड़े बेटे 36 वर्षीय नवीनचंद्र भूता को 1972 में पीसी सेठी की मदद से कांग्रेस से भिंड विधानसभा क्षेत्र से टिकट मिला और वे जीते। नवीनचंद्र भूता विधायक थे, इसलिए कांग्रेस ने उन्हें 1977 में पुन: टिकट दिया, लेकिन वह जनता पार्टी की ओम कुमारी कुशवाह से हार गए। बाद में प्रकाशचंद्र सेठी को कांग्रेस हाईकमान ने केन्द्र में मंत्री बना दिया।
आज भी चर्चा में रहता है भिंड....
मुख्यमंत्री पद पर श्यामाचरण शुक्ल आसीन हुए तो समीकरण बदल गए। इसके बाद वर्ष 1985 में नवीनचंद्र भूता को कांग्रेस ने फिर चुनाव प्रत्याशी घोषित किया, लेकिन पार्टी ने ऐनवक्त पर उनका टिकट काटकर जिला न्यायालय के युवा वकील उदयभान सिंह कुशवाह को दे दिया। सिफारिश इनके नाम की ही आई थी। भिंड के सियासी इतिहास का ये घटनाक्रम आज भी चुनाव के वक्त चर्चा में रहता है।
ऐसे बदली परिस्थिति....
नवीन भूता के पुत्र संजय भूता बताते हैं कि अमिताभ ब"ान के उस समय पीए (जो उदयभान सिंह के परिवार से जुड़ा हुआ था) के कहने से अमिताभ ने अपने मित्र राजीव गांधी से उदयभान सिंह को टिकट देने की सिफारिश कर दी थी, इसलिए उनके पिता का टिकट कट गया। परिस्थितियां बदलीं। पीसी सेठी के स्थान पर श्यामाचरण शुक्ल सीएम बने। 1989 में उन्होंने चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को टिकट दिया और नवीन भूता की फिर टिकट मिलने की उम्मीदें धूमिल होती चली गईं।
(जैसा भिंड में संजय भूता ने रामानंद सोनी को बताया।)

Published on:
16 Oct 2018 12:58 pm
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