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चुनाव की घोषणा होते ही राजधानी के नेताओं के परिधान भी बदल गए। हर नेता औसतन ५० जोड़ी कॉटन व लिनन के सफेद-कुर्ता पायजामा सिर्फ चुनाव प्रचार-प्रसार के लिए सिलवा रहे हैं। नेताओं की पहली पसंद कॉटन व लिनन हैं। नेताओं के साथ उनके कार्यकर्ता भी पीछे नहीं है।
वे भी २० से ३० जोड़ी सादे कपड़े सिलवा रहे हैं। नेताओं के कुर्ते-पायजामे बनाने वाले कुछ टेलर्स के यहां इन दिनों नेताओं की भीड़ लगी हुई हैं। प्रचार के दौरान जनता के बीच आमद देने वाले अधिकांश नेताओं की पहली पसंद अभी सफेद कुर्ते-पायजामा हैं।
चुड़ीदार और पेंटनुमा पायजामा सबसे अधिक सिलवाए जा रहे हैं। टेलर्स अपने-अपने अनुभव बता रहे हैं कि गहरे रंग और कलरफुल का ट्रैंड शुरु होगा। उन्होंने बताया कि जनता के बीच कोई गलत संदेश न जाए, इसलिए सभी नेताओं की पहली पंसद सफेद रंग है। इस पर अलग-अलग कंट्रास्ट रंगों की जैकेट भी सिलवाई जा रही है। वहीं, सूट और कोट-पेंट सबसे कम पसंद की जा रही है।
भाजपा के नेताओं की लंबी फेहरिस्त
टेलर्स ने बताया कि सबसे अधिक कपड़े भाजपा के नेता-विधायक, टिकट के दावेदार और उनके कार्यकर्ता सिलवा रहे हैं। कपड़े सिलवाने वालों में ६० प्रतिशत भाजपा, ३० प्रतिशत कांग्रेस और १० प्रतिशत बसपा, सपा, आम आदमी पार्टी सहित अन्य दलों के नेता शामिल हैं। भाजपा का एक कार्यकर्ता या पार्षद स्तर का नेता भी चुनाव के लिए २०-२५ जोड़ी कपड़े सिलवा रहे हैं।
भोपाल के उत्तर विधायक को छोडक़र सभी विधायकों ने चुनाव के लिए कई जोड़ी कपड़े सिलवा लिए हैं। कुछ नेताओं ने हल्के रंग में प्लेन और लाइनिंग वाले कपड़े के फुल आस्तिन वाले कपड़े पसंद किए। वहीं अधिकांश ने पेंटनुमा पायजामा और कुर्ता।
अलग-अलग अंचलों के नेताओं की पसंद भोपाल
मालवा के नेताओं को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश नेता भोपाल ही कपड़े सिलवाने पहुंच रहे हैं। चुनाव के समय कपड़ों की मांग देखते हुए टेलर्स ने तीन महीने पहले ही तैयारी कर ली थी। अलग से मास्टर, सहित अतिरिक्त टेलर, स्टाफ, कपड़े का स्टॉक आदि बड़ा लिया था।
मुख्यमंत्री के लिए सख्त निर्देश
चुनावी माहौल में उपहार से बचने के लिए मुख्यमंत्री निवास से शहर के नामचीन टेलर्स को सख्त निर्देश दे रखे हैं कि कोई कार्यकर्ता, विधायक, नेता आदि यदि मुख्यमंत्री के नाप के अनुसार कपड़े बनवाता है, तो मुख्यमंत्री निवास की अनुमति के बिना कोई भी कपड़े नहीं सिले जाएं। कपड़े सिलवाने के लिए जब तक मुख्यमंत्री निवास से आधिकारिक तौर पर ऑर्डर नहीं दिया जाता, कोई भी कार्यकर्ता-विधायक-नेता, मुख्यमंत्री के लिए उपहार स्वरुप कपड़े नहीं सिलवा सकते हैं।
टिकट की दौड़ और कपड़े की होड़
टिकट की दौड़ में शामिल हर नेता कपड़े सिलवा रहे। पत्रिका ने जब टैलर्स से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि टिकट मांगने जाने के वक्त पहनने के लिए अलग, प्रचार के लिए अलग और अन्य अवसरों पर अलग हल्के रंग वाले कपड़े सिलवाए जा रहे हैं। टैलर्स के यहां एेसा जमावड़ा हैं जैसे टिकट से पहले कपड़े सिलवाने की होड़ लगी हो।
पिछले चुनाव से इस चुनाव में अधिक कपड़े सिलवाए जा रहे हैं। इनमें भी सबसे अधिक भाजपा के नेता शामिल है। कलमनाथ ने भी ५ जोड़ी कुर्त-पायजामा बनवाया है। सुरेश पचौरी, आरिफ अकील, उमाशंकर गुप्ता ने भी चुनाव को लेकर कपड़े बनवाए हैं।
सबसे अधिक विश्वास तो सबसे कम सुरेंद्र
सबसे अधिक कपड़े विश्वास सारंग सिलवा रहे हैं, वे लंबी चुड़ीदार कपड़े पहनते हैं जिसकी लंबाई ८२ इंच होती है। औसतन साल में वे ३०० से अधिक कपड़े सिलवाते हैं। चुनाव के समय भी सबसे अधिक उन्हीं के कपड़े हैं। वहीं, विष्णु खत्री भी पीछे नहीं है।
इधर रामेश्वर शर्मा इंदौर और अन्य शहरों में कपड़े सिलवा रहे हैं तो सुरेंद्र नाथ सिंह की पहली पसंद पेंट-शर्ट है। सुरेंद्र नाथ सिंह ही सबसे कम कपड़े सिलवा रहे हैं। यही नहीं कांग्रेस के टिकट के उम्मीदवार भी कपड़े सिलवा रहे हैं, लेकिन वे महज ८-१० जोड़ी तक ही सीमित हैं। कांग्रेस के नासिर इस्लाम, अवनिश भार्गव और सुखदेव ठाकुर ने चुनाव को लेकर काफी कपड़े सिलवाए हैं।
अधिकांश नेता लोगों की पहली पसंद कॉटन व खादी होती हैं। मेरे पास अलग-अलग समय में अलग-अलग नेताओं का ऑर्डर आता है। कोई २० तो कोई ३० जोड़ी का ऑर्डर देता है।
शहनवाज खान, यूपी टैलर्स
चुनाव को लेकर सादे कपड़े पहली पसंद है। कलरफुल का ट्रैंड तो चुनाव के बाद आएगा। अधिकांश नेताओं के ऑर्डर मिल रहे हैं। एक साथ कई जोड़ी कपड़े सिलवा रहे हैं। मेरे सबसे अधिक ग्राहकों में मालवा को छोडक़र पूरे प्रदेश के नेता हैं।
बीडी साहू, केपिटल टैलर्स
Published on:
16 Oct 2018 08:03 am
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