
भोपाल@गिरीश उपाध्याय की रिपोर्ट...
नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू) के जिन विद्यार्थियों को गलत तरीके से बीए-एलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री मिली है, अब प्रशासन उनकी डिग्री निरस्त करने की तैयारी में है। इस संबंध में जनरल काउंसिल ने हरी झंडी दे दी है। एनएलआईयू से डिग्री प्राप्त करने के बाद इसमें दो विद्यार्थी जज बन गए हैं, तो कुछ मप्र व राजस्थान आदि राज्यों में वकालत कर रहे हैं। डिग्री निरस्त होने से जज की कुर्सी छिनना तय माना जा रहा है, वहीं वकील भी वकालत नहीं कर पाएंगे। परीक्षा में फेल होने के बाद भी अलग-अलग सत्र के 16 छात्रों को गलत तरीके से डिग्री दी गई।
गत दिवस लालघाटी स्थित वीआईपी गेस्ट हाउस में एनएलआईयू की जनरल काउंसिल की बैठक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में हुई। चर्चा के बाद तय किया गया कि इंटरनल जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डिग्री लेने वाले इन छात्रों को नोटिस दिए जाएंगे। विद्यार्थियों का पक्ष जानकर तैयार की रिपोर्ट कार्यपरिषद में रखी जाएगी। इसके आधार पर छात्रों की डिग्री निरस्त करने का निर्णय लिया जाएगा। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने रजिस्ट्रार गिरीबाला सिंह को अधिकृत किया है।
जस्टिस गोहिल की रिपोर्ट के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई
प्रो. घयूर आलम, प्रो. यूपी सिंह व लाइब्रेरियन डॉ.एसएस कुशवाह की इंटनल जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद कार्यपरिषद ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अभय गोहिल को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। इस गड़बड़ी का दोषी कौन है, यह बात जस्टिस गोहिल की रिपोर्ट के बाद पता चल सकेगा। जिसके बाद प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई करेगा। एनएलआईयू ने परीक्षा शाखा के असिस्टेंट रजिस्ट्रार रंजीत सिंह को चार्जशीट जारी की है। सिंह के अलावा गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं।
जांच रिपोर्ट में ये नाम
वर्ष 2015 में अवार्ड हुई डिग्री : मुनांशु कोश्ती, हिमांशु राय, भानु पंडवार, अभ्युदय स्टेनली, हेमंत शर्मा
वर्ष 2014 में अवार्ड डिग्री - सौरभ प्रकाश अहिरवार, अमन सुलिया, आरंभ शर्मा
वर्ष 2013 में आवर्ड डिग्री - सचिन नायक, अजय रावत, अभिषेक रावत
वर्ष 2012 में अवार्ड डिग्री - सिद्धार्थ शर्मा, गोकलेश मीना, सिद्धार्थ बान्के, कमल सिंह, सौरभ कुमार
जिन छात्रों को गलत तरीके से डिग्री अवार्ड हुई है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे, ताकि उनका पक्ष सुना जा सके। इसके आधार पर रिपोर्ट कार्यपरिषद में रखी जाएगी। इसके लिए रजिस्ट्रार को इमपॉवर्ड किया गया है, जो गलत हैं उनकी डिग्री निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
- गिरीबाला सिंह, रजिस्ट्रार एनएलआईयू
सिंह गए छुट्टी पर, प्रो. श्रीवास्तव होंगे कार्यवाहक डायरेक्टर
डायरेक्टर डॉ. सिंह के अवकाश के दौरान अंग्रेजी विषय के प्रोफेसर डॉ. मुकेश श्रीवास्तव कार्यवाहक डायरेक्टर रहेंगे। पिछली बार तक यह जिम्मेदारी प्रो. घयूर आलम को दी जाती रही है। सूत्रों की माने तो प्रो. आलम फेल छात्रों को दी गई डिग्री के मामले के लिए बनाई गई जांच कमेटी में भी थे। एेसे में जनरल काउंसिल के सदस्यों ने उन्हें जिम्मेदारी देने पर आपत्ति ली थी। वहीं शंका जाहिर की कि वे किसी विशेष का पक्ष ले सकते हैं। इसके लिए नियमों में भी बदलाव करने की बात सामने आई है। जिसके अनुसार लॉ विषय के अतिरिक्त अन्य विषय के सीनियर प्रोफेसर को भी डायरेक्टर का प्रभार दिया जा सके। डॉ. श्रीवास्तव ने उन्हें डायरेक्टर पद की जिम्मेदारी दिए जाने संबंधी नोटिफिकेशन जारी होने की पुष्टि की है।
रिपोर्ट - गिरीश उपाध्याय
Published on:
20 Feb 2018 08:44 am
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