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दावा था-परिंदा भी पर नहीं मार सकता… आधा घंटा टहलते रहे

निशातपुरा कोच फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजामों को लेकर ढिलाई

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Krishna singh

Jun 24, 2016

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शिवनारायण साहू. भोपाल. रेल कोच कारखाना निशातपुरा। दावा यह है कि बिना इजाजत यहां पर परिंदा भी पर नहीं मार सकता, लेकिन गुरुवार को पत्रिका टीम आधा घंटे तक मोटरसाइकिल से पूरे परिसर में घूमती रही। न किसी ने टोका न कुछ पूछा। हम यहां बुधवार-गुरुवार की रात लगी आग की जानकारी के लिए पहुंचे थे।

खुले फाटक से घुसे
दोपहर लगभग 01 बजे कोच फैक्ट्री में लगे मुख्य फाटक से पत्रिका की टीम मोटर साइकिल से कारखाने के अंदर गई। गेट खुला हुआ था। आगे बाईं ओर एक कतार में कोच तैयार करने के विभिन्न प्लांट लगे हुए हैं। फायर ब्लॉस्ट प्लांट, पीयू पेंटिंग प्लांट, फर्निंशिंग प्लांट से लेकर पूरे प्लांट को देखते हुए टीम अंदर तक पहुंच गई। जगह-जगह कोच निर्माण में प्रयोग की जाने वाली सामग्री पड़ी हुई थी। प्लांट पर कई कर्मचारी काम कर रहे थे। इस दौरान मार्ग में न तो कोई आरपीएफ कर्मी मिला और न ही कोई कारखाने का अधिकारी। कुछ से टीम ने आग के बारे में पूछा तो इसके लिए यहां के सिक्योरिटी प्रभारी केपीएस मलिक से जाकर मिलने की बात कही गई।

स्पेशल थाना
निशातपुरा कोच कारखाना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद ही संवेदनशील है। जिसमें लगभग 2300 कर्मचारी काम करते हैं। इसकी सुरक्षा के लिए एक आरपीएफ थाना ही यहां पर बनाया गया है जिसमें लगभग 60 से 70 लोग हैं।

यह भारी चूक है। अंदर प्रवेश करने के लिए लोगों की बाकायदा फोटो खींचकर उनका पास बनाया जाता है तभी लोग प्रवेश कर सकते हैं। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
-नीरज कु मार, सीडब्ल्यूएम