दोपहर लगभग 01 बजे कोच फैक्ट्री में लगे मुख्य फाटक से पत्रिका की टीम मोटर साइकिल से कारखाने के अंदर गई। गेट खुला हुआ था। आगे बाईं ओर एक कतार में कोच तैयार करने के विभिन्न प्लांट लगे हुए हैं। फायर ब्लॉस्ट प्लांट, पीयू पेंटिंग प्लांट, फर्निंशिंग प्लांट से लेकर पूरे प्लांट को देखते हुए टीम अंदर तक पहुंच गई। जगह-जगह कोच निर्माण में प्रयोग की जाने वाली सामग्री पड़ी हुई थी। प्लांट पर कई कर्मचारी काम कर रहे थे। इस दौरान मार्ग में न तो कोई आरपीएफ कर्मी मिला और न ही कोई कारखाने का अधिकारी। कुछ से टीम ने आग के बारे में पूछा तो इसके लिए यहां के सिक्योरिटी प्रभारी केपीएस मलिक से जाकर मिलने की बात कही गई।