
अब एक लाख युवाओं को नहीं बची नौकरी की आस
भोपाल. प्रदेश के करीब एक लाख युवाओं ने नौकरी की खोज बंद कर दी। करीब ढाई लाख युवाओं का रोजगार कार्यालय में पंजीयन है जबकि नौकरी खोजने वालों की संख्या महज डेढ़ लाख है। कितने बेरोजगारों को नौकरी मिली ये स्पष्ट ही नहीं है। रोजगार कार्यालय बेरोजगारों के पंजीयन तक सीमित हो गया है। रोजगार कार्यालय वर्तमान में केवल रोजगार मेले लगाने तक सीमित हो गया है। वह भी तीन महीने में एक बार। इन मेलों में प्राइवेट कंपनियां पहुंचती हैं। रोजगार कार्यालय में सीनियर व जूनियर पंजीयन का कोई मतलब ही नहीं बचा है। यहां से अब सरकारी नौकरी में सीधी भर्ती के लिए नाम नहीं जाते है। बल्कि एक से दो माह के अंदर कार्यालय प्राइवेट कंपनियों, फैक्ट्रियों को नौकरी के लिए निमंत्रण देती है। इसमें जितने बेरोजगार कंपनी वाले चायनित कर ले, उन्हें ही नौकरी मिलेगी। सारी व्यवस्था ऑनलाइन होने पर रोजगार कार्यालय खुला होने के बाद भी यहां सन्नाटा पसरा रहता है।
ढाई लाख से ज्यादा बेरोजगार
ऑनलाइन डाटा पर नजर डाले तो वर्तमान में प्रदेश स्तर पर रोजगार कार्यालय में 2636819 बेरोजगारों का पंजीयन है। वहीं भोपाल में करीब एक लाख लोगों ने रोजगार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन करा रखा है।
15 से 20 कंपनियां एक मेले में, 10 जॉब फेयर
रोजगार मेलों में निजी कंपनियां आती हैं। केम्पस सिलेक्शन के लिए इन्हें बुलाया जाता है। करीब दस जॉब फेयर हो चुके हैं। हर एक में 15 से 25 कंपनियां तक होती हैं। नियमानुसार तीन माह में एक बार रोजगार मेला जिला रोजगार कार्यालय में लगाना अनिवार्य है।
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पंचायतों की बेवसाइट भी अपडेट नहीं
पंचायत चुनाव के परिणाम 14 जुलाई को आ चुके हैं, जिसके बाद सभी सरपंचों के पंचायत खाते अपडेट कर दिए गए हैं। लेकिन जनपद पंचायत की बेवसाइट पंचायत दर्पण का अपडेट अब तक नहीं किया है। जिसकी वजह से पंचायत में होने वाले कई कामों का पैसा रुका हुआ है तो कई कामों का मूल्यांकन नहीं हुआ है। जिसकी जानकारी पंचायत दर्पण पर अपलोड होना चाहिए थी, लेकिन अभी तक नहीं होना और पुराने सरपंचों के नाम से पंचायत दर्पण वेबसाइट पर शो हो रहा है। फंदा जनपद के सीईओ उपेंद्र सेंगर का कहना है कि पंचायतों से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर डायरेक्ट्रेट से अपडेट होती है।
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दस साल से जिला रोजगार केंद्र में पंजीयन है। एक बार भी यहां से पंजीयन के लिए कोई कॉल नहीं आया। प्राइवेट कंपनियों में नौकरी की सूचना मोबाइल पर मिल जाती है। इसमें बीए, बीएससी, बीकाम व इसके पीजी किए छात्र सबसे अधिक बेरोजगार है।
- अतुल सिंह, बेरोजगार
रोजगार मेलों के जरिए युवाओं और कंपनियों को एक मंच पर लाने की कोशिश होती है। कोशिश होती है ज्यादा से ज्यादा को नौकरी मिल सके।
- केएस मालवीय, जिला रोजगार अधिकारी
Published on:
04 Sept 2022 11:59 pm
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