
भोपाल। कोरोना के बाद समर वेकेशन में भोपालाइट्स अपने परिवार और फ्रेंड्स के साथ नई-नई जगहों पर घूमना पसंद कर रहे हैं। वहीं, यूथ अब हिल स्टेशन की भीड़-भाड़ के बीच जाने की बजाए छोटे ग्रुप्स के साथ ऐसे स्पॉट्स को एक्सप्लोर करना पसंद कर रहे हैं, जहां वे प्रकृति के बीच रहकर खुद को रिफ्रेश कर सकें। अब यूथ में नाइट ट्रेकिंग कैंप का क्रेज बढ़ रहा है। उनका कहना है कि समर सीजन में दिन में ट्रैकिंग करना मुश्किल होता है। ऐसे में रात में ट्रैकिंग कर वे टिमटिमाते तारों की रोशनी के बीच खुद को सुकून से भरा महसूस करते हैं।
रेत में करीब 10 किमी करेंगे ट्रैकिंग
यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की लेक सिटी यूनिट के सचिव संजय मगुप ने बताया कि वे कोलार डैम के पास एक नाइट ट्रैकिंग कैंप कर चुके हैं। अब दूसरा कैंप बांद्राभान में कर रहे हैं, जहां मेंबर्स रेत में ट्रैकिंग करते हुए रात गुजारेंगे। नाइट ट्रेकिंग में बहुत सी चीजों का ध्यान रखना जरूरी है, इसलिए सभी मेंबर्स को टॉर्च दी जाएगी। रातभर स्टे करने के बाद अगले दिन घर के लिए रवाना होंगे। इस दौरान कैम्प फायर भी होगा।
ज्यादा एडवेंचर्स होती है नाइट ट्रैकिंग
वहीं, बावरे मुसाफिर के अर्पित शर्मा ने बताया कि नाइट ट्रैकिंग ज्यादा एडवेंचरस होती है। शहर के प्रदूषण से दूर, हाथ में टॉर्च लेकर प्रकृति के बीच खुद से जुड़ा पाते हैं। इस दौरान बड़े ग्रुप्स में नहीं जाते। नाइट ट्रैकिंग पर जाने के लिए यंगस्टर्स हमेशा ध्यान रखें कि उनके साथ नाइट ट्रेकिंग में अनुभवी व्यक्ति का साथ होना जरूरी है। मोबाइल फोन में या अलग से जीपीएस सिस्टम जरूर इस्तेमाल करें, ताकि रास्ता ढूंढने में आसानी हो सके। फुल पेंट और शर्ट पहनकर ही ट्रैकिंग करें।
Published on:
10 Jun 2022 11:43 pm
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