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इंटर्नशिप और शॉर्ट अटेंडेंस के नाम पर नर्सिंग छात्रों से मांग रहे 15 हजार

नर्सिंग रजिस्ट्रार कार्यालय पर धरना दे रहे नर्सिंग छात्रों ने लगाया आरोप

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भोपाल

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Sunil Mishra

Dec 20, 2019

इंटर्नशिप

Now admission to college after internship

भोपाल। इंटर्नशिप और शार्ट अटेंडेंस के नाम पर नर्सिंग छात्रों से 15 हजार रुपए की मांग की जा रही है। इतना ही नहीं कॉलेज प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि अगर 15 हजार रुपए जमा नहीं किए तो परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। यह पीड़ा इंदौर के एक निजी नर्सिंग कॉलेज से भोपाल आए करीब 30 से 35 नर्सिंग छात्रों की है। छात्रों ने दूसरे दिन गुरूवार को भी 12 दफ्तर स्थित नर्सिंग कॉउंसिल रजिस्ट्रार कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया।

नर्सिंग छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण सिंह राजपूत और उपाध्यक्ष मनीष कर्मा ने बताया कि नर्सिंग कॉलेज द्वारा तृतीय वर्ष के नर्सिंग के छात्र-छात्राओं से इंटर्नशिप और शॉर्ट अटेंडेंस के नाम पर 15 हजार रुपए देने का दवाब बनाया जा रहा है। जिसकी शिकायत नर्सिंग रजिस्ट्रार से की है।

उन्होंने 24 घंटे में छात्रों की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मांगें पूरी नहीं हुई है। छात्र अपनी मांगों को लेकर रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे है। नर्सिंग छात्रों की समस्या पर रजिस्ट्रार जयंती चौरसिया ने कॉलेज की प्रिंसिपल को गुरुवार तलब कर फटकार लगाई है कि अगर छात्रों से इंटर्नशिप और शार्ट अटेंडेंस के नाम पर रुपए लिए तो उनकी कॉलेज की मान्यता को रद्द कर दिया जाएगा।

लैब टेक्नीशियन बोले एक माह में जांच रिपोर्ट का अधिकार नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन

मेडिकल लैब टेक्निशियन एसोसिएशन ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर एक महीने में उन्हें पैथोलॉजिकल जांच रिपोर्ट में हस्ताक्षर का अधिकार नहीं मिला तो प्रदेश भर के लैब टेक्निशियन राजधानी में एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन करेंगे।

लैब टेक्निशियन एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनीत दुबे और उपाध्यक्ष बृजेश गोस्वामी ने गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि मप्र विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने अपने वचन पत्र में निजी क्षेत्र की पैथोलॉजिकल जांचों के प्रमाणीकरण को लैब टैक्नीशियन द्वारा सत्यापित करने का वचन दिया था। लेकिन सरकार को एक साल पूरा होने जा रहा है कि इसके बाद भी अब तक लैब टेक्निशियन को दिए एक मात्र वचन पूरा नहीं हुआ है। इस कदम से प्रदेश के दूरदराज इलाकों में सामान्य पैथोलॉजिकल जांचों की सुविधा उपलब्ध होगी।