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या अल्लाह तेरा शुक्रिया, तेरी पनाह में आने की मेरी दुआ कबूल हुई

हज आवेदकों से खचाखच भरा हज हाउस का हॉल, मंच पर अतिथि बैठे थे, और हॉल में आवेदक, सभी की निगाहें हॉल में लगी स्क्रीन पर जमी हुई थीं, अपने हाथों में कागज

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भोपाल। हज आवेदकों से खचाखच भरा हज हाउस का हॉल, मंच पर अतिथि बैठे थे, और हॉल में आवेदक, सभी की निगाहें हॉल में लगी स्क्रीन पर जमी हुई थीं, अपने हाथों में कागज पर नंबर देखने के बाद लोग स्क्रीन पर चल रहे नंबरों से मिलान कर रहे थे, नंबर देखने के बाद कुछ लोगों की आंखों में खुशी के आंसू थे, कुछ मायूस नजर आ रहे थे। कई लोग नंबर देखने के बाद अपने परिजन रिश्तेदारों को मोबाइल कर बता रहे थे, अम्मी, अब्बू मुबारक हो, अल्लाह ने हमारी दुआ कबूल कर ली, कुरआ में आपका नंबर खुला है, आप हज की तैयारी शुरू कर दीजिए, तो कोई स्क्रीन पर नंबर देखकर दोनों हाथ उठाकर कह रहा था, या अल्लाह तेरा शुक्रिया, तेरी पनाह में आने की दुआ कबूल हुई और तेरे दीदार का मौका मिला।

यह नजारा था मंगलवार को सिंगारचोली स्थित हज हाउस का। हज हाउस में हज यात्रा 2018 के लिए कुरआअंदाजी हुई। हज की कुल 4432 सीटों में से 462 आरक्षित श्रेणी की सीटों के बाद 3869 सीटों का चयन ऑनलाइन कुरआ के जरिए किया गया। यह चयन कुल 19373 आवेदकों के बीच किया गया। सुबह 11 बजे से ही यहां आवेदकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, सभी को बेसब्री से कुरआ का इंतजार था। हज हाउस में पहली मंजिल पर बनी मस्जिद में भी ऑनलाइन कुरआ देखने स्क्रीन लगाई गई थी।

मंत्री ने किया ऑनलाइन कुरआ का शुभारंभ
कार्यक्रम में ऑनलाइन कुरआ का शुभारंभ राज्यमंत्री ललिता यादव ने किया। इस मौके नायब शहरकाजी सैय्यद बाबर हुसैन, शौकत मोहम्मद खान, डॉ. सनवर पटेल, राशिद खान, सलीम कुरैशी सहित बड़ी संख्या में हज कमेटियों के जिलाध्यक्ष और गणमान्य लोग उपस्थित थे। स्वास्थ्य खराब होने के बाद भी राज्यमंत्री ललिता यादव इस आयोजन में पहुंचीं।

पॉलिसी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की
लगातार पांच साल से हज यात्रा के लिए प्रयास करने वाले आवेदकों को पांचवें साल आरक्षित श्रेणी में शामिल कर हज का मौका मिलता था। इस बार हज पॉलिसी में हुए बदलाव के बाद इस नियम को खत्म कर दिया गया है, जिसके कारण एेसे आवेदकों का भी चयन इस बार कुरआ के जरिए हुआ है। इस बात पर कई लोगों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की।

अफजल खान, खरीफ उल रहमान ने बताया कि वे लगातार पांच साल से आवेदन कर रहे हैं, उम्मीद थी कि इस बार मौका मिलेगा, लेकिन अचानक इस तरह से नियम बदल दिए गए, अब पता नहीं कब मौका मिलेगा। हम हर साल बराबर आवेदन कर रहे हैं। इस तरह नियमों को अचानक बदलना गलत है। हम इसका विरोध करते हैं।

इस बार मुंबई से उड़ान भरेंगे यात्री
पिछले साल तक भोपाल और इंदौर एयरपोर्ट से यात्रियों को सीधे जेद्दाह तक ले जाया जाता था, लेकिन इस बार हज यात्रियों को मुंबई से जेद्दाह भेजा जाएगा। हज यात्री भोपाल अथवा अपने-अपने शहरों से ट्रेन की सहायता से निर्धारित समय पर मुंबई पहुंचेंगे, जहां से वे हज यात्रा के लिए रवाना होंगे। इस साल हुए परिवर्तन को लेकर भी कई लोगों ने विरोध किया है।

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