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Video: ऐ अल्लाह, तू रहीम है, करीम है… हम गुनहगारों को माफ फरमा

दुआ के साथ 77 वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा का समापन

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ऐ अल्लाह, तू रहीम है, करीम है... हम गुनहगारों को माफ फरमा

Video: ऐ अल्लाह, तू रहीम है, करीम है... हम गुनहगारों को माफ फरमा

भोपाल. ऐ अल्लाह हम सब पर रहम फरमा, हम गुनाहगार हैं, खतावार हैं,...लेकिन जो हैं, जैसे हैं तेरे बंदे हैं...? ऐ अल्लाह तू रहीम है, हम पर रहम कर दे... तू करीम है। हमारे गुनाहों को माफ फरमा! ऐ अल्लाह, सारी दुनिया को इल्म के नूर से रौशन कर दे... ऐ अल्लाह इस शहर, सूबे, मुल्क को कामयाबी, तरक्की की बुलंदियों से मालामाल कर दे... ऐ अल्लाह दुनिया के हर इंसान को सच्चाई, ईमानदारी और हक पर चलने की आसानी फरमा दे...! इन दुआओं के साथ सोमवार को 77वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा का समापन हो गया। मौलाना सउद कांधालवी साहब ने यह दुआ कराई। आयोजन स्थल से लेकर तीन किमी तक सडक़ खेत और घरों में बैठे लोगों ने आमीन कहा। दुआ के बाद लोगों की रवानगी का सिलसिला शुरू हो गया। यहां से कुछ लोग अपने घरों को लौटे तो कुछ दीन सीखने के मकसद से चार माह और चालीस दिन की जमातों में निकले। 8 दिसंबर को इसकी शुरूआत हुई थी। करीब 12 लाख लोगों ने इसमें शिरकत की। आलमी तब्लीगी इज्तिमा के दौरान सहयोग करने वाले सभी लोगों और संस्थाओं का इज्तिमा इंतेजामिया कमेटी ने अभार जताया। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, पीएचई, विद्युत विभाग, रेलवे, स्वास्थ्य विभाग के सभी जमीनी कर्मचारियों व आला अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया।
नेक बनो, एक बनो और तालीम हासिल करो
चार दिन के इस आयोजन में देशभर से उलेमाओं की तकरीर हुई। सोमवार सुबह फजिर की नमाज के बाद की तकरीर में फिर से उन बातों को दोहराया गया। उलेमा बोले अल्लाह की मर्जी के बिना कोई काम नहीं होता। ये अकीदा तोडऩे से खराब हालात होंगे। नेक राह जो बताई गई है उस पर चलने वाले बनो तो तुम्हारी हर परेशानी खत्म हो जाएगी। आपसी रिश्ते बेहतर रखने और सबके काम आने की हिदायत भी मजमे को दी गई।
30 पार्किंग में वाहन, ट्रैफिक इंतजाम में बीस हजार लोग
चार दिन के आलमी तब्लीगी इज्तिमा में 12 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। हजारों वाहन थे। इज्तिमा स्थल ईटखेड़ी पहुंचने के रास्ते भी सीमित। बावजूद इसके न तो जाम लगा और न ही कहीं यातायात रुका। इन इंतजामों में लगे पुलिस, प्रशासन के अधिकारियों के साथ हजारों वॉलेन्टियर्स की कई दिनों की मेहनत के चलते ये आसान हो पाया। इज्तिमा के समापन के बाद रास्तेभर वॉलेन्टियर्स ने यातायात इंतजाम संभाले रखा।
चार दिन में 15 हजार ने पिया यूनानी काढ़ा
इज्तिमा में यूनानी काढ़ा करीब 15 हजार लोगों ने पिया। यहां से दवाएं वितरित की गईं। जेपी अस्पताल के कैंप में करीब चार लोगों को चिकित्सकीय परामर्श मिला। यहां से 8 लोगों को हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया था। गंभीर हालत में पहुंचे थे। दस बेड के शिविर में ऑक्सीजन, नियुमोलाइजर, ईसीजी से लेकर बीपी व शुगर चेक करने के इंतजाम किए गए थे। 108 एंबुलेंस सेवा के साथ यहां हर समय 4 डॉक्टर मौजूद थे।