
प्रतीकात्मक फोटो
MP News: मध्यप्रदेश में जल्द आबकारी नीति में बदलाव किया जा सकता है। 111 साल पुराने नियम को बदलने के लिए मंत्रिमंड समिति का गठन किया गया है। जो कि आबकारी नियमों में बदलाव का प्रस्ताव तैयार करेंगे और कैबिनेट में लाकर मंजूरी दी जाएगी।
राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2026-27 आबकारी नीति बनाने या उसे जुडे़ मामलों में निर्णय लेने या सुझाव देने के लिए मंत्री परिषद का गठन किया है। जिसमें मंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री उदय प्रताप सिंह और मंत्री सम्पतिया उइके को सदस्य बनाया गया है। इसमें समिति के सचिव प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर रहेंगे। समिति के द्वारा नई आबकारी नीति में सुझाव दिए जाएंगे। कमेटी के द्वारा अवैध शराब परिवहन और जहरीली शराब को लेकर भी फैसला हो सकता है।
शहर और ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से शराब बेचे जाने की शिकायत पर नियंत्रण के लिए समिति फैसला लेगी। जिसमें संबंधित जिलों की अधिकारियों की जवाबदारी पर फैसला हो सकता है। साथ ही जहरीली शराब के कारण होने वाली मौतों से सरकार की छवि धूमिल होती है। इसके चलते समिति के द्वारा शराब की बिक्री प्रतिबंधित की जा सकती है।
मोहन सरकार के द्वारा 1 अप्रैल 2025 को 17 धार्मिक शहरों समेत 19 जगहों पर शराब ब्रिक्री पर प्रतिबंध लगाया था। यहां पर संचालित होने वाली 47 शराब की दुकानें बंद हुई थी। महेश्वर, मंडलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, उज्जैन, ओंकारेश्वर, दतिया, अमरकंटक और सलकनपुर समेत कई स्थानों पर पूर्ण रूप से शराबबंदी की गई थी।
धार में वसंत पंचमी त्योहार को देखते हुए शहरी क्षेत्र में शराब क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके आदेश कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सोमवार को जारी किए। आदेश के तहत 23 जनवरी शुक्रवार को धार नगर पालिका क्षेत्र एवं इसकी सीमा से लगी ग्राम पंचायत जेतपुरा की सीमा की शराब दुकानें 22 जनवरी गुरुवार की सांय 7 बजे से 23 जनवरी शुक्रवार को रात्रि 11.30 बजे तक बंद रखी जाने के लिए आदेशित किया गया है। साथ ही मदिरा के खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा।
Updated on:
20 Jan 2026 06:45 pm
Published on:
20 Jan 2026 06:44 pm
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