
भोपाल. कोरोना का कहर किस तरह बरस रहा है, इस बात का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि राजधानी भोपाल के कोलार और गोविंदपुरा क्षेत्र के करीब 40 प्रतिशत घरों में कोरेाना ने घर कर लिया है, फिलहाल मरीजों में जो लक्षण नजर आ रहे हैं, उससे ओमिक्रॉन फैलने की जानकारी मिल रही है, क्योंकि इससे हल्का बुखार और सिरदर्द आदि समस्या होती है, जबकि डेल्टा वैरिएंट के कारण करीब सात दिन तक बुखार रहता है।
पता नहीं कौन सा वायरस कर दे संक्रमित
कौन सा वायरस किस को पॉजिटिव कर दे ये अब बड़ा सवाल हो गया है। शहर में ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों ही सक्रिय हैं। पॉजिटिव होने की रफ्तार को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसर मान चुके हैं कि ओमिक्रॉन फैल रहा है। घातक स्टेज में न होने से इसकी जीनोम सिक्वेंसी बड़े स्तर पर नहीं हो रही। पॉजिटिव लेने वाली टीम जब एक पॉजिटिव के फस्र्ट कॉन्टेक्ट की सैम्पलिंग करती है तो उसमें से अब दस में से छह लोग पॉजिटिव आ रहे हैं। ये ओमिक्रॉन ही कर सकता है। पहले ये संख्या तीन से चार तक हुआ करती थी। लोगों में जो लक्षण हैं वह न के बराबर हैं। कुछ मरीजों को सिर दर्द, हल्के बुखार की शिकायत है। एेसे लक्षण ओमिक्रॉन के हो सकते हैं। डेल्टा से संक्रमित होने पर बुखार सात दिन तक रह सकता है।
ये रखनी होगी सावधानी
-शहर में लगने वाली हाट बाजारों में कुछ दिन नहीं जाएं, बाजारों में भीड़ भरे स्थानों पर जाने से बचें। एक आेमिक्रॉन पॉजिटिव दस को संक्रमित कर सकता है।
-संभव हो तो फिर से डबल मास्क लगाना शुरू कर दें। इससे काफी हद तक बचाव हो सकता है। हर वस्तु को हाथ न लगाएं।
-किसी से मिलना जुलना और उसके घर जाना बंद कर दें, सरकारी दफ्तरों में जाते समय सैनिटाइजर साथ लेकर जाएं।
कॉलोनियों में चालीस फीसदी घरों में मरीज
कोलार और गोविंदपुरा दो सर्किलों में कुछ कॉलोनियां एेसी हो गईं हैं जहां चालीस फीसदी घरों में पॉजिटिव मरीज हैं। इनको किसी प्रकार के लक्षण नहीं हैं। इसी गफलत में ये लोग आसानी से बाहर जा रहे हैं, लेकिन ओमिक्रॉन के चलते ये लोग दूसरो को कोरोना बांट रहे हैं। इसलिए जिला प्रशासन के अफसरों ने कंटेनमेंट बनाने के बाद बीट क्षेत्र के आधार पर आरआई पटवारी, पुलिसकर्मियों को मॉनीटरिंग के लिए तैनात किया है।
Published on:
15 Jan 2022 09:29 am
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