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बीच में पढ़ाई छोड़ चुके माननीयों को एक और मौका, विधानसभा को पसंद आया प्रस्ताव

विधायकों से कहा उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं तो ले सकते हैं प्रवेश

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भोपाल। किसी भी कारण से बीच में पढ़ाई छोड़ चुके विधायकों को उच्च शिक्षा का मौका मिल रहा है। मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय ने इन्हें यह मौका दिया है। विश्वविद्यालय ने विधानसभा को एक प्रस्ताव भेजा है जिसके तहत उन्हें उच्च शिक्षा देने की बात कही गई है। विधानसभा को यह प्रस्ताव पसंद आया है। विधायकों को भी इसकी जानकारी दी गई है। जिससे उच्च शिक्षा से वंचित रहे विधायक शिक्षा ग्रहण कर सकें और राज्य की विधानसभा और ज्यादा शिक्षित हो सके।

भोज मुक्त विश्वविद्यालय ने विधानसभा को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि प्रदेश का यह एक मात्र विश्वविद्यालय है जहां दूरस्थ माध्यम से विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। विद्यार्थी रोजगार में संलग्न रहते हुए भी अपना अध्ययन इस संस्थान से पूरी कर सकता है। इस विश्वविद्यालय का क्षेत्राधिकार पूरा मध्यप्रदेश है। प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, सागर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद में क्षेत्रीय केन्द्र हैं, जबकि बड़वानी में उपक्षेत्रीय के्रन्द्र स्थापित है।

यह है प्रस्ताव -
विश्वविद्यालय ने अपनी पृष्ठभूमि बताते हुए कहा है कि विधायक यदि अपनी शैक्षणिक योग्यता में वृद्धि करना चाहते हैं तो इस विश्वविद्यालय के माध्यम से कर सकते हैं। यह विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात होगी। विश्वविद्यालय में सामान्य स्नातक, स्नातकोत्त डिग्री कोर्स के साथ प्रोफेशनल कोर्स भी हैं। विद्यार्थी किसी भी विषय में यहां से अध्ययन कर डिग्री हासिल कर सकता है।

पिछले बार की तुलना में ज्यादा शिक्षित है विधायक -

मध्यप्रदेश की मौजूदा 15वीं विधानसभा के विधायकों 14वीं विधानसभा की तुलना में ज्यादा शिक्षित हैं। यह बात भी सही है कि वर्तमान विधानसभा में एक दर्जन विधायक ऐसे हैं जिन्हें या तो सिर्फ अक्षर ज्ञान है या फिर वे प्राइमरी तक शिक्षित हैं। ग्रेज्युएक विधायकों की संख्या सर्वाधक है। कुल 96 ग्रेज्युएट में से 40 विधायक तो ऐसे हैं जिनके पास प्रोफेशनल डिग्री है। तीन विधायक डॉक्टरेट हैं।

विधायकों की शिक्षा एक नजर में -
शिक्षित - 5

पांचवीं पास - 7
8वी पास - 7

10वीं पास - 13
12वीं पास - 37

स्नातक - 96
स्नातकोत्तर - 56

डॉक्टरेट - 3
अन्य - 3

कोरोनाकाल में कक्षाएं नहीं लग रही है, ऐसे में भोज विश्वविद्यालय का प्रस्ताव बेहतर है। विधायकों को इसकी जानकारी दे दी गई है। विधायक इसके माध्यम से उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं।

- एपी सिंह, प्रमुख सचिव विधानसभा मप्र
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