
भोपाल@रूपेश मिश्रा
सूबे में विधानसभा चुनाव जल्द होने वाले हैं जिसको लेकर राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग ने युद्ध स्तर पर तैयारियां तेज कर दी है। लेकिन इसी बीच साल 2018 की तर्ज पर इस बार फिर कांग्रेस पार्टी ने फर्जी मतदाताओं का मामला उठाया है। जिसकी शिकायत चुनाव आयोग से लेकर कलेक्टर, एसडीएम और बीएलओ तक की गई है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में माना जा रहा है कि फर्जी मतादाओं का मुद्दा एक बार फिर चुनाव से पहले सूर्खियों में छा सकता है। पढ़िए पत्रिका की विशेष रिपोर्ट…..
विधानसभा क्षेत्र- कालापीपल
जिला- शाजापुर
बोगस मतदाता- 12700
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विधानसभा क्षेत्र- नरेला
जिला- भोपाल
बोगस मतदाता- 35000
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विधानसभा क्षेत्र- सोनकच्छ
जिला- देवास
बोगस मतदाता- 13250
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विधानसभा क्षेत्र- गंजबासौदा
जिला- विदिशा
बोगस मतदाता- 4200
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विधानसभा क्षेत्र- त्यौंथर
जिला- रीवा
बोगस मतादाता- 3800
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- मतदाता सूची में कुछ इस प्रकार की हो रही गफलत
- एक व्यक्ति का कई बार और कई जगहों पर नाम।
- मतदाता और उसके पिता का एक नाम और कई बार होना।
- क्षेत्र छोड़कर जा चुके लोगों का मतदाता सूची में नाम।
- मृत व्यक्तियों का मतदाता सूची में नाम।
- एक तस्वीर और नाम का कई जगहों पर होना।
पहले भी उठ चुका है 60 लाख फर्जी मतदाताओं का मुद्दा
साल 2018 के चुनावों में भी फर्जी मतदाताओं का मामला सूर्खियों में आ चुका है। तब कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश की वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को आरोप लगाते हुए 60 लाख फर्जी मतदाता होने का दावा किया था। जिसकी शिकायत चुनाव आयोग तक पहुंची थी। दिल्ली में प्रेसवार्ता करते हुए कमलनाथ ने कहा था कि 100 विधानसभा क्षेत्रों में छानबीन कराई है, जहां 60 लाख फर्जी वोटर की सूची का पता चला है।
बारीकी से जांच करवा रहे हैं
जो भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं उनकी बारीकी से जांच की जा रही है। शिकायतों को जल्द दूर कर संबंधित को अवगत कराया जाएगा।
अनुपम राजन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मप्र
वो बातें जो आपको जानना जरूरी है
नामांकन दर्ज होने की आखिरी तारीख के 10 दिन पहले तक नाम जोड़ने के आवेदन लिए जाते हैं।
चुनाव के घोषणा तक नाम काटने के आवेदन लिए जाते हैं।
फॉर्म नं. 06 भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं।
फॉर्म नं. 07 भरकर मतदाता सूची से नाम हटवा जा सकता है।
फॉर्म नं. 08 भरकर वोटर आईडी कार्ड में संशोधन करवाया जा सकता है।
ऐसे भर सकते हैं फॉर्म
नाम जुड़वाने, हटवाने या संशोधन के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीके अपनाए जा सकते है। ऑफलाइन प्रक्रिया के लिए बीएलओ के फॉर्म लेकर भरना होगा। वहीं ऑनलाइन सुविधा का लाभ लेने के लिए voters.eci.gov.in पर जाकार आप फॉर्म भर सकते हैं। या तो प्ले स्टोर में जाकर वोटर हेल्पलाइन एप डाउनलोड कर भी फॉर्म भरा जा सकता है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर राज्य स्तरीय टोल फ्री नं.- 180023301950 पर कॉल कर निर्वाचन संबंधी किसी भी प्रकार की जानकारी और समस्या की शिकायत की जा सकती है।
Published on:
11 Sept 2023 08:20 pm

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