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ऑनलाइन हो रही जरूरी मामलों की सुनवाई, मॉडल को हाईकोर्ट से मिली सराहना

जिला अदालत की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के मॉडल को अन्य जिलों की अदालतों में अपनाने को कहा

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ऑनलाइन हो रही जरूरी मामलों की सुनवाई, मॉडल को हाईकोर्ट से मिली सराहना

भोपाल. कोरोना वायरस संकट के चलते लॉकडाउन के दौरान जिला अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई हो रही है। हालांकि अभी अदालतों में नियमित कामकाज बंद है। अदालत में लंबित मुकदमों में आगे की तारीखें तय कर दी गई हैं, लेकिन अत्यावश्यक मामलों, जमानत आवेदनों, सुपुर्दनामा पर ऑनलाइन सुनवाई जारी है।

यह पहला अवसर है जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया को हाईकोर्ट सहित प्रदेश की जिला अदालतों में अपनाया गया है। जिला अदालत भोपाल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के मॉडल को हाईकोर्ट ने सराहा है। साथ ही अन्य प्रदेश की अदालतों को भोपाल अदालत की ऑनलाइन सुनवाई प्रक्रिया को अपनाने के निर्देश दिए हैं।

ऐसे हो रही ऑनलाइन सुनवाई
जिला अदालत में पहली बार एक अपर सत्र न्यायाधीश और दो न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जमानत, सुपुर्दनामा, अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई कर रहे हैं। कोर्ट में तीन स्पेशल कोर्ट बनाई गई हैं। जज कोर्ट रूम में बैठकर टीवी स्क्रीन पर बहस सुनते हैं। अदालत के मुख्य प्रवेश द्वार के पास गांधी हाल में दो टीवी स्क्रीन और कैमरे लगाए गए हैं। अनुमति दिखाने के बाद ही वकील को बहस के लिए अदालत परिसर में प्रवेश दिया जाता है। कैमरों के सामने बैठकर वकील मामलों में बहस करते हैं। बहस के बाद वकील के ईमेल पर आदेश की प्रति भेज दी जाती है। साथ ही आदेश की प्रति को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाता है।

सुनवाई के पहले ऑनलाइन अनुमति जरूरी
आवेदन की सुनवाई के पहले डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की अधिकारिक वेबसाइट पर वकील को अनुमति लेना होती है। जिला न्यायाधीश के अनुमति के बाद संबंधित वकील से दूसरे दिन कोर्ट में आवेदन, वकालतनामा लिया जाता है। इसके लिए न्यायिक कर्मचारियों की तैनाती अदालत परिसर में मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर की गई है। अनुमति दिखाने के बाद संबंधित वकील से आवेदन लेकर सुनवाई के लिए आगामी तारीख दी जाती है। इसके बाद संबंधित कोर्ट से रिकॉर्ड, थानों से केस डायरी तलब कर बहस के बाद आदेश होता है ।